How To Register For Organ Donation: अगर आप अंगदान करने की प्लानिंग कर रहे हैं लेकिन समझ नहीं आ रहा कि इसके लिए कैसे रजिस्टर करें, तो यहां उसकी फुल गाइड दी जा रही है।
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अंगदान के लिए रजिस्टर कैसे करें?
- फोटो : अमर उजाला
How To Register For Organ Donation: भारत में हजारों लोग शरीर का कोई अंग खराब होने की वजह से परेशानी की जिंदगी जी रहे हैं। इतना ही नहीं, बहुत से लोग तो किसी खास अंग की कमी के कारण जीवन की जंग हार जाते हैं। ऐसे में अंगदान एक ऐसा कदम है, जिसकी वजह से किसी की जिंदगी तक बच सकती है और किसी की जिंदगी में खुशियां आ सकती हैं। अंगदान केवल एक मानवता का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज में लोगों के जीवन को बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
तो अगर आप भी अंगदान करने का सोच रहे हैं लेकिन यह नहीं जानते कि इसके लिए कैसे रजिस्टर करना है, तो ये गाइड आपके लिए है। सही तरीके से रजिस्ट्रेशन करने पर आप अपनी इच्छा को कानूनी रूप से सुरक्षित कर सकते हैं और जरूरतमंदों तक अपनी मदद पहुंचा सकते हैं।
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अंगदान के लिए रजिस्टर कैसे करें?
- फोटो : Adobe Stock
अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
इसके लिए सबसे पहले NOTTO (National Organ and Tissue Transplant Organization) की आधिकारिक वेबसाइट https://www.notto.mohfw.gov.in/index.htm पर जाएं।
ये भारत सरकार द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म है, जहां आप सुरक्षित और कानूनी तरीके से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
अब वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें।
इसमें नाम, जन्मतिथि, पता और संपर्क विवरण जैसी बुनियादी जानकारी शामिल होती है।
फिलहाल भारत में अंगदान के लिए किसी भी प्रकार के विशेष दस्तावेज की जरूरत नहीं होती।
बेवसाइट पर जाकर आप 'pledge form' भरकर प्रतिज्ञा पत्र जमा कर सकते हैं।
ये कानूनी रूप से मान्य तरीका है।
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अंगदान के लिए रजिस्टर कैसे करें?
- फोटो : Istock
अंगदान की प्रतिज्ञा के लिए कितनी होनी चाहिए उम्र?
कोई भी व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 साल या अधिक हो, वह स्वयं रजिस्टर कर सकता है।
18 साल से कम उम्र के लिए अभिभावक की सहमतिआवश्यक होती है।
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अंगदान के लिए रजिस्टर कैसे करें?
- फोटो : freepik.com
अंगदान की प्रतिज्ञा के बाद क्या करें?
पंजीकरण के बाद रजिस्ट्रेशन कराने वाले व्यक्ति को एक विशिष्ट डोनर कार्ड मिलता है।
ये कार्ड आपके अंगदान की कानूनी सहमति को प्रमाणित करता है और इमरजेंसी में इसे दिखाया जा सकता है।
इस प्रक्रिया को फॉलो करके आप किसी की जिंदगी बचाने में मदद कर सकते हैं और समाज में जागरूकता फैलाने का काम भी कर सकते हैं।
अंगदान में कई प्रकार के अंग और ऊतक दान किए जा सकते हैं, जो किसी की जिंदगी बचाने या स्वास्थ्य सुधारने में मदद करते हैं। इसमें किडनी, लीवर, हृदय और फेफड़े शामिल हैं, जो गंभीर बीमारियों या अंग विफलता में मरीजों के लिए जीवनदान साबित होते हैं।
इसके अलावा आंखें (कॉर्निया), हड्डियां, त्वचा, रक्त वाहिकाएं, हड्डी का मज्जा और नसें भी दान की जा सकती हैं। कुछ अंग और ऊतक ऐसे हैं जिन्हें सर्जिकल तरीके से निकालकर तुरंत प्रत्यारोपण किया जाता है, जबकि कुछ ऊतक लंबे समय तक सुरक्षित रखे जा सकते हैं। अंगदान से न केवल किसी की जिंदगी बचती है, बल्कि यह समाज में मानवता और जागरूकता फैलाने का भी एक महत्वपूर्ण तरीका है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।