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Cancer: खानपान में बदलाव कर कैंसर पर लगाएं ब्रेक, विशेषज्ञ ने बताए जानलेवा रोग से बचाने वाले सुपर फूड्स

Mon, 15 Sep 2025 11:44 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कैंसर की रोकथाम के लिए फिलहाल किसी चीज के सेवन को बिल्कुल सटीक नहीं पाया गया है, हालांकि अच्छी खबर यह है कि आप कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करके इसके जोखिम को कम जरूर कर सकते हैं।
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कैंसर - फोटो : Freepik.com
Cancer Prevention: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान की आदतें इतनी बिगड़ गई हैं कि हमें एहसास भी नहीं होता कि हम खुद अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जंक फूड, प्रोसेस्ड खाने, ज्यादा शुगर और फैट से भरपूर आहार न केवल मोटापा बढ़ाता है, बल्कि कैंसर जैसे गंभीर रोगों का खतरा भी कई गुना बढ़ा देता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारी भोजन की थाली में परोसी जाने वाली हर चीज का असर सीधे हमारे शरीर पर होता है। असंतुलित आहार, पोषक तत्वों की कमी, ज्यादा रेड मीट, शराब और धूम्रपान, ये सब मिलकर कैंसर के जोखिमों को बढ़ा देती हैं।

कैंसर, दुनियाभर में मृत्यु का कारण बनने वाली प्रमुख बीमारियों में से एक है। समय के साथ वैज्ञानिक इसके अत्याधुनिक उपचार के बारे में जानने के लिए लगातार प्रयासरत है। हालांकि अभी भी न सिर्फ इसका इलाज काफी जटिल साथ ही महंगा भी है। यही कारण है कि सभी लोगों को अपने जीवनशैली और आहार को ठीक रखने की सलाह दी जाती है जिससे कैंसर जैसे जानलेवा रोगों के जोखिम को कम किया जा सके।
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कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
कैंसर की रोकथाम कैसे करें?

अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च (एआईसीआर) के मुताबिक, कैंसर की रोकथाम के लिए फिलहाल किसी चीज के सेवन को बिल्कुल सटीक नहीं पाया गया है, हालांकि अच्छी खबर यह है कि आप कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करके इसके जोखिम को कम जरूर कर सकते हैं। कुछ फलों में कैंसर रोधी गुणों के बारे में पता चलता है जिनकी सेवन करके इसके जोखिमों को कम किया जा सकता है। ताजे फल, सब्जियां, हरी पत्तेदार चीजें, फाइबर से भरपूर भोजन आपको बड़े फायदे दे सकते हैं। 
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कैंसर से बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : Adobe stock photos
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

एआईसीआर के शोधकर्ताओं में से एक डॉ नवीद सालेह (एमडी) बताते हैं, अनुसंधान से पता चलता है कि विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, बीन्स और अन्य पौधों पर आधारित  खाद्य पदार्थों में कैंसर के जोखिम को कम करने वाले गुण मौजूद हो सकते हैं। प्रयोगशाला अध्ययनों में पाया गया है कि कई प्रकार के खनिज, विटामिन, और फाइटोकेमिकल्स कैंसर रोधी गुणों से भरपूर हो सकते हैं, जिनका सेवन करना इस गंभीर रोग के खतरे को कम कर सकता है।

ब्लूबेरी में कई फाइटोकेमिकल्स और पोषक तत्व होते हैं। प्रयोगशाला अध्ययनों में इसमें कैंसर रोधी प्रभावों के बारे में पता चलता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि ब्लूबेरी खाने से रक्त में एंटीऑक्सीडेंट की गतिविधि बढ़ती है, साथ ही यह डीएनए क्षति को रोकने की क्षमता भी सहायक हो सकती है। पराबैंगनी विकिरण के लंबे समय तक संपर्क के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, त्वचा कैंसर के जोखिम को बढ़ा देती है, ब्लूबेरी को इसमें भी फायदेमंद पाया गया है। 

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अंगूर से कम होता है कैंसर का खतरा - फोटो : Adobe Stock
अंगूर में कैंसर रोधी गुण

एआईसीआर के अनुसार अंगूर में बायोएक्टिव कंपाउंड बर्गमोटिन पाया जाता है, जिस कैंसर रोधी प्रभावों के लिए जाना जाता है।  इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर साइंसेज में प्रकाशित एक समीक्षा में लेखकों ने बताया कि अंगूर में फुरानोकौमरिन भी पाया जाता है जो एंटी-ऑक्सीडेटिव, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर-रोधी गुणों को बढ़ावा दे सकता है।
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अनार खाना कैंसर में फायदेमंद - फोटो : freepik.com
अनार खाने से भी मिलता है लाभ

हार्वर्ड के डॉक्टरों के मुताबिक अनार का सेवन, जीवन को स्वस्थ रखने में सबसे सहायक हो सकता है। क्लीवलैंड क्लिनिक द्वारा प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि अनार का सेवन न सिर्फ बेहतर इम्यूनिटी के लिए सहायक हो सकता है साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, प्रदूषण और सिगरेट के धुएं जैसे पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थों से कोशिकाओं की रक्षा करने में मदद करते हैं। यह डीएनए क्षति को भी रोकते हैं औजिससे कैंसर हो सकता है।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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