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Health Tips: इन बातों पर कम उम्र से ही दे लिया ध्यान तो ‘स्टील स्ट्रॉन्ग’ बनी रहेंगी हड्डियां, आप भी जान लीजिए

Sun, 13 Jul 2025 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आजकल के भागदौड़ भरे जीवन, फास्ट फूड की आदत, धूप से दूरी, घंटों बैठकर काम करना और व्यायाम की कमी की वजह से हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों में दर्द, कमर और पीठ की तकलीफ आम हो गई है। इससे कैसे बचें?
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हड्डियों की बीमारी - फोटो : Freepik.com
Bone Strength: क्या आप जानते हैं कि हमारी हड्डियां हर दिन बदलती हैं? बचपन में ये तेजी से बढ़ती हैं, युवावस्था में मजबूत होती हैं और उम्र बढ़ने पर धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। यही कारण है कि 40 की उम्र आते-आते हड्डियों से संबंधित दिक्कतें आपको परेशान करने लग जाती हैं। अब तो कई मामले ऐसे भी देखे गए हैं जिनमें 20 की उम्र के लोग भी हड्डियों से संबंधित दिक्कतों से परेशान देखे जा रहे हैं।

हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। इसके लिए कम उम्र से ही आहार में कैल्शियम से भरपूर चीजों- जैसे डेयरी उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियों, मछलियों को जरूर शामिल किया जाना चाहिए।

पर क्या आप जानते हैं कि सिर्फ कैल्शियम का सेवन करना ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए काफी नहीं है। कैल्शियम के अलावा कई अन्य पोषक तत्व और लाइफस्टाइल में सुधार भी आपके लिए जरूरी है।
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कम उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस-हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
हड्डियों को कैसे बनाएं ‘स्टील स्ट्रॉन्ग’?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आजकल के भागदौड़ भरे जीवन, फास्ट फूड की आदत, धूप से दूरी, घंटों बैठकर काम करना और व्यायाम की कमी की वजह से हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों में दर्द, कमर और पीठ की तकलीफ आम हो गई है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में यह खतरा ज्यादा देखा जाता है।

लेकिन चिंता मत कीजिए, कुछ सरल आदतें अपनाकर और जरूरी पोषक तत्वों को अपने आहार में शामिल करके आप अपनी हड्डियों को ‘स्टील स्ट्रॉन्ग’ बनाए रख सकते हैं।
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आहार को रखें पौष्टिक - फोटो : Freepik.com
हड्डियों की मजबूती के लिए क्या खाएं

हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम वाली चीजें जैसे दूध, दही, पनीर और छाछ, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे ब्रोकली और पालक, सोया और टोफू के साथ मछलियों को आहार का हिस्सा जरूर बनाएं। इसके साथ कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाने के लिए फैटी फिश, अंडे की जर्दी और मशरूम का सेवन करना चाहिए।

विशेषज्ञों ने बताया बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी का संतुलन बनाकर रखा जाना चाहिए।

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प्रोटीन वाली चीजें लाभकारी - फोटो : Adobe Stock
प्रोटीन वाली चीजें खाएं

हड्डियों का मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन्स के साथ-साथ प्रोटीन वाली चीजें भी जरूरी हैं। हड्डियों के टिशू और मांसपेशियों की मरम्मत और वृद्धि में प्रोटीन मदद करता है। डेयरी उत्पाद, अंडे, नट्स, और बीन्स अच्छे प्रोटीन स्रोत हैं।

इसके अलावा मैग्नीशियम हड्डियों में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करता है और पोटैशियम हड्डियों में मिनरल्स को बनाए रखने में मदद करता है। ये तत्व हरी पत्तेदार सब्जियों, नट्स, और फलियों में मिलते हैं। आहार में इसकी मात्रा जरूर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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हड्डियों को बनाएं मजबूत - फोटो : Freepik.com
लाइफस्टाइल रखें ठीक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हड्डियों से संबंधित समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए आहार के साथ-साथ लाइफस्टाइल को ठीक रखना भी जरूरी है। हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में भी सुधार करें। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि ये हड्डियों को कमजोर कर सकती हैं। शारीरिक निष्क्रियता भी हड्डियों की कमजोरी और इससे संबंधित समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।  


हड्डियों को मजबूत रखने के लिए इन बातों का भी ध्यान रखें।
  • विटामिन-डी के बिना शरीर कैल्शियम का सही से उपयोग नहीं कर पाता। इसके लिए रोज सुबह की धूप (10-15 मिनट) लें या डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लें।
  • अधिक कैफीन और कोल्ड ड्रिंक्स कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डालते हैं। इनका सेवन सीमित रखें।
  • स्मोकिंग और अल्कोहल, दोनों ही हड्डियों को कमजोर करने वाले सबसे बड़े दुश्मन हैं। इससे बोन डेंसिटी तेजी से गिरती है।
  • बहुत ज्यादा या बहुत कम वजन दोनों ही हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। संतुलित वजन हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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