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Liver Health: आपका लिवर ठीक से काम कर रहा है या नहीं? शरीर खुद ही देता है संकेत, ऐसे पहचानें

Tue, 23 Dec 2025 02:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लिवर कमजोर होने के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, जिन्हें लोग आम थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लगातार थकान महसूस होना, भूख न लगना, वजन का अचानक कम या ज्यादा होना, मतली या उल्टी आना लिवर की समस्या का संकेत हो सकता है।
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पाचन स्वास्थ्य की समस्याएं और लिवर की बीमारी - फोटो : Freepik.com
लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने शरीर के जिन अंगों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, लिवर उनमें से एक है। पहले जहां उम्र बढ़ने के साथ लिवर की बीमारियां होती थीं, वहीं अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं।

लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। ये खून को साफ करने, पाचन को ठीक रखने, दवाओं के असर को संतुलित करने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है। अक्सर लोग दिल या किडनी की जांच तो करा लेते हैं, लेकिन लिवर की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि आपकी ये छोटी से गलती बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है।

लिवर की समस्याओं को शुरू में अनदेखा करना जानलेवा रोगों में भी बदल सकता है। हर साल लिवर की बीमारियों के कारण लाखों लोगों को जान से हाथ धोना पड़ जाता है। ऐसे में सवाल ये है कि आप कैसे जान सकते हैं कि लिवर ठीक है या नहीं? इसके लिए कौन से टेस्ट कराने चाहिए, आइए इन सबके बारे में विस्तार से समझते हैं।
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लिवर की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
लिवर की बीमारियों के लक्षण

डॉक्टर कहते हैं लिवर की समस्याओं के लक्षण आमतौर पर बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं, इसकी पहचान तब हो पाती है जब नुकसान काफी बढ़ चुका होता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आपका लिवर ठीक से काम कर रहा है या नहीं।

लिवर कमजोर होने के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, जिन्हें लोग पेट की आम समस्या मानकर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लगातार थकान महसूस होना, भूख न लगना, वजन का अचानक कम या ज्यादा होना, अक्सर मतली या उल्टी आना या फिर बार-बार पीलिया होना लिवर की समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपके पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में अक्सर दर्द या भारीपन महसूस होता रहता है तो इसे अनदेखा न करें, ये लिवर से जुड़ी परेशानी की ओर इशारा करता है।
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थकान-कमजोरी रहने के क्या कारण हैं? - फोटो : Freepik.com
आपका लिवर हेल्दी है या नहीं?

आपका लिवर ठीक है या नहीं इसका पता शरीर के कुछ संकेतों से लगाया जा सकता है। 

लगातार थकान और कमजोरी तो नहीं रहती?

लगातार थकान महसूस होना लिवर की बीमारी का सबसे शुरुआती लक्षण है। आपको बिना ज्यादा काम किए भी कमजोरी लगती रह सकती है। असल में हमारा लिवर शरीर में ऊर्जा को स्टोर करने और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं, जिससे थकान बढ़ती है। फैटी लिवर जैसी समस्या में ये दिक्कत सबसे पहले देखी जाती है।

बार-बार हो जाती है पीलिया?

जब लिवर ठीक से काम नहीं करता है तो शरीर में बिलीरुबिन नामक तत्व जमा होने लगता है। यही कारण है कि आंखों की सफेदी और त्वचा पीली दिखने लगती है। हेपेटाइटिस, सिरोसिस जैसी बीमारियों में रोगियों को बार-बार पीलिया की दिक्कत बनी रहती है। पीलिया को त्वचा की समस्या मानने की भूल न करें, ये लिवर की बीमारी का सीधा संकते है।

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पेट दर्द की समस्या - फोटो : Adobe Stock
पेट में दर्द या सूजन

लिवर की समस्याओं में अक्सर पेट के दाहिनी ओर ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन बना रहता है। फैटी लिवर, लिवर में संक्रमण या सिरोसिस जैसी बीमारी में भी यह लक्षण आम है। कई मामलों में पेट फूलना या पानी भरने जैसी स्थिति भी बन जाती है, जिसे एसाइटिस कहा जाता है। अगर आपको भी अक्सर पेट में दर्द रहता है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दें।

गड़बड़ रहती है पाचन 

लिवर पाचन को ठीक रखने में मदद करता है। लिवर वसा को पचाने में मदद करता है ऐसे में लिवर कमजोर होने पर भूख कम लगने, मतली, उल्टी और अपच जैसी समस्याएं होने लगती हैं। लंबे समय तक पाचन फैटी लिवर या किसी अन्य बीमारी का संकेत हो सकता है जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
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लिवर की बीमारियों का कैसे लगाएं पता (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
कौन से टेस्ट कराएं?

आपका लिवर ठीक है या नहीं इसका पता लगाने के लिए लक्षणों के आधार पर लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और स्टूल टेस्ट करा सकते हैं। आपके लिए कौन सा टेस्ट जरूरी है इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह लें। लिवर फंक्शन टेस्ट से एंजाइम के स्तर की जानकारी मिलती है। इसके साथ सीबीसी टेस्ट और अल्ट्रासाउंड कराने से भी शुरुआती समस्या पकड़ में आ सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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