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Health Issue: सैकड़ों बीमारियों का घर है बेली फैट बढ़ना, ऐसे चेक करें कहीं आप भी तो नहीं है शिकार?

Wed, 04 Dec 2024 07:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जब बात वजन कम करने या फिट दिखने की आती है, तो कई लोगों के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय उनका पेट कम करना होता है। पेट की चर्बी को कम करना सबसे कठिन माना जाता है, इसके लिए लाइफस्टाइल और आहार दोनों को ठीक रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।
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बेली फैट के नुकसान - फोटो : Freepik.com
पेट की चर्बी (बेली फैट) बढ़ना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदायक है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को इसे कंट्रोल में रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जब बात वजन कम करने या फिट दिखने की आती है, तो कई लोगों के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय उनका पेट कम करना होता है। पेट की चर्बी को कम करना सबसे कठिन माना जाता है, इसके लिए लाइफस्टाइल और आहार दोनों को ठीक रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।

पेट की चर्बी (विशेष रूप से आंतरिक वसा या विसरल फैट) शरीर के आंतरिक अंगों के चारों ओर जमा हो जाती है, जिससे मेटाबॉलिज्म और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह केवल शारीरिक रूप से असुविधाजनक ही नहीं, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। 
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पेट की चर्बी - फोटो : Freepik.com
कैसे जानें कहीं आपका भी तो नहीं बढ़ गया है बेली फैट?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अपने बेली फैट को नापने के लिए मापने वाला टेप लें और अपने कूल्हों और कमर के आकार को मापें। फिर, अपने कमर से कूल्हे के अनुपात की गणना करें। पुरुषों के लिए यह अनुपात 0.9 से अधिक और महिलाओं के लिए, यह 0.85 से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि अनुपात अधिक है, तो इसका मतलब है कि आपके पेट की चर्बी बढ़ गई है। अगर बेली फैट लंबे समय तक सामान्य से अधिक बना रहता है तो इससे हृदय रोग और मधुमेह सहित कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का खतरा हो सकता है।

आइए जानते हैं कि बेली फैट के क्या नुकसान हो सकते हैं?
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
हृदय रोगों का खतरा

पेट की चर्बी बढ़ने से हृदय रोगों का खतरा रहता है। इसके कारण रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा हो सकती है, जिससे हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा जिन लोगों का बेली फैट अधिक होता है उनमें इंसुलिन रेसिस्टेंस की समस्या भी अधिक देखी जाती है जिससे शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रित नहीं हो पाता और टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

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पाचन की दिक्कत - फोटो : Adobe Stock
पाचन और सांस की दिक्कतें

पेट की चर्बी के कारण मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम होने की दिक्कत भी हो सकती है। इससे पाचन स्वास्थ्य और शरीर में कई प्रकार की नकारात्मक दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ज्यादा चर्बी से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई (जैसे स्लीप एपनिया) हो सकती है। इसी तरह पेट की चर्बी आंतों पर दबाव डाल सकती है, जिससे कब्ज, एसिडिटी, और पेट फूलने जैसी समस्याएं बनी रहती है और लिवर की बीमारी हो सकती है।
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मोटापा की समस्या कैसे कम करें - फोटो : Freepik.com
पेट की चर्बी कैसे घटाएं?

पेट की चर्बी को कम करने के लिए डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है। सबसे जरूर है कि आप संतुलित आहार अपनाएं।  फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज) अधिक खाएं। इसी तरह प्रोटीन वाली चीजें (जैसे दाल, अंडा, और मछली) खाना भी फायदेमंद है।

नियमित व्यायाम करें। कार्डियो एक्सरसाइज जैसा दौड़ना, तैरना या साइकिल चलाना पेट की चर्बी को कम करने में मददगार है। हर दिन 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें। खराब नींद के कारण भी वजन और चर्बी बढ़ने का खतरा रहता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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