Remedies To Relieve Constipation: अगर दो दिन से पेट साफ नहीं हुआ है और मल त्याग करने में परेशानी हो रही है, तो इसे कब्ज की समस्या माना जा सकता है। कम पानी पीना, फाइबर की कमी, शारीरिक गतिविधि कम होना या खान-पान में बदलाव इसके सामान्य कारणों में शामिल हैं। ऐसी स्थिति में सबसे पहले पर्याप्त पानी पीना और डाइट में फाइबर बढ़ाना मददगार हो सकता है। इसके साथ साथ एक आसान उपाय के तौर पर गुनगुना पानी और इसबगोल की भूसी का इस्तेमाल किया जाता है।
इसबगोल एक तरह का घुलनशील फाइबर है, जो पानी सोखकर मल को नरम करने में मदद कर सकता है और मल त्याग को आसान बना सकता है। हालांकि, इसे पर्याप्त पानी के साथ लेना जरूरी है। हर व्यक्ति में इसका असर अलग हो सकता है और तुरंत राहत मिलना जरूरी नहीं है। आइए आपको इसके इस्तेमाल का सही तरीका बताते हैं।
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कब्ज कैसे दूर करें?
- फोटो : AI
नुस्खे के लिए सामग्री
- 1–2 चम्मच इसबगोल की भूसी
- 1 गिलास गुनगुना पानी
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कब्ज कैसे दूर करें?
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कैसे करें इसका सेवन?
एक गिलास गुनगुने पानी में 1–2 चम्मच इसबगोल मिलाएं।
अच्छी तरह मिलाकर तुरंत पी लें।
इसके बाद एक और गिलास पानी पीना उपयोगी रहता है।
इसे लेने के साथ पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
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ये नुस्खे भी आजमा लें
रोजाना कुछ समय पैदल चलना और फल, सब्जियां, दालें व साबुत अनाज जैसे फाइबर वाले खाद्य पदार्थ लेना भी कब्ज से बचाव में मदद कर सकता है।
इसबगोल का सेवन करते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है, क्योंकि कम पानी के साथ इसे लेने पर परेशानी बढ़ सकती है। अगर आपको निगलने में दिक्कत होती है, आंतों में रुकावट का संदेह है या पहले से तेज पेट दर्द की शिकायत है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसबगोल का सेवन न करें।
वहीं, कब्ज के साथ मल में खून आना, लगातार उल्टी होना, तेज या बढ़ता हुआ पेट दर्द, पेट का बहुत ज्यादा फूलना या कई दिनों तक मल त्याग न होना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।