फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Overeating: सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है अधिक खाने की आदत, ओवरईटिंग से हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां

Fri, 19 Dec 2025 11:22 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Overeating In Winter: अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि सर्दियों में लोग जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं। इसके पीछे कई कारण होते हैं। आइए इस लेख में इसी के  बारे में जानते हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि इससे किन बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है और इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए।
विज्ञापन
1 of 5
ओवरइटिंग - फोटो : Adobe Stock
Why We Eat More In Winter: ठंड का मौसम अपने चरम पर है, लोग इससे बचने के लिए गर्म कपड़े के कई लेयर पहनना शुरु कर चुके हैं। इस मौसम में अक्सर लोगों की भूख और खाने की इच्छा बढ़ जाती है। इसका एक मुख्य कारण शरीर के तापमान को बनाए रखने की प्रक्रिया है। जब बाहर ठंड होती है, तो शरीर को खुद को गर्म रखने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और हमें बार-बार भूख महसूस होती है।

इसके अलावा सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी होने के कारण शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन का संतुलन बदल जाता है, जिससे 'विंटर ब्लूज' या सुस्ती महसूस होती है। इस मानसिक स्थिति को सुधारने के लिए लोग अक्सर 'कम्फर्ट फूड' यानी अधिक कैलोरी और शुगर वाले भोजन की ओर खिंचे चले जाते हैं।

मगर स्वाद के चक्कर में की गई यह ओवरईटिंग शरीर के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकती है। अगर इस आदत पर नियंत्रण न रखा जाए, तो न सिर्फ वजन बढ़ता है बल्कि कई गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है, जो आगे चलकर जीवन भर की परेशानी बन सकती हैं।
विज्ञापन

2 of 5
ओवरइटिंग - फोटो : Adobe Stock
मेटाबॉलिक सिंड्रोम
ओवरईटिंग का सबसे तात्कालिक असर शरीर के वजन पर पड़ता है। सर्दियों में शारीरिक सक्रियता कम होने और कैलोरी का सेवन बढ़ने से शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है। यह स्थिति मेटाबॉलिक सिंड्रोम को जन्म देती है, जिससे पेट के आसपास चर्बी बढ़ती है। यह बढ़ा हुआ वजन आपके पर्सनालिटी को प्रभावित करता है, बल्कि फैटी लीवर के जोखिम को भी बढ़ा देता है। इतना ही नहीं इससे जोड़ों के दर्द और चलने-फिरने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।

ये भी पढ़ें- Iron Overdose Effects: बिना जांच कराएं ले रहे हैं आयरन की गोलियां? लिवर-दिल पर पड़ सकता है भारी असर
 
विज्ञापन

3 of 5
हार्ट अटैक - फोटो : adobe stock images
हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल की समस्या
तले-भुने और मीठे खाद्यों का अधिक सेवन शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ा देता है। सर्दियों में खून की नसें पहले से ही थोड़ी संकुचित होती हैं, ऐसे में ओवरईटिंग के कारण बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। कुछ मामलों तो दिल के मरीजों के लिए सर्दियों की ओवरईटिंग भी जानलेवा साबित हो सकती है।

ये भी पढ़ें- Delhi Pollution Alert: दिल्ली की जहरीली हवा, बाहर निकलते वक्त ये 10 गलतियां पड़ सकती हैं भारी
 

4 of 5
डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
टाइप-2 डायबिटीज का खतरा
जब हम बार-बार और अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट या शुगर लेते हैं, तो शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होने लगता है। बार-बार इंसुलिन स्पाइक होने के कारण अग्न्याशय पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लड शुगर का लेवल अनियंत्रित हो जाता है। यही कारण है कि सर्दियों में कई लोगों का शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है, जो आगे चलकर स्थायी रूप से टाइप-2 डायबिटीज का रूप ले लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
कैसे करें बचाव?
सर्दियों में ओवरईटिंग से बचने के लिए ये उपाय कर सकते हैं-
  • अपनी डाइट में सूप, सलाद और हरी सब्जियों को प्राथमिकता दें, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहे।
  • शरीर को हाइड्रेटेड रखें। कई बार हम प्यास को ही भूख समझकर ज्यादा खा लेते हैं।
  • भोजन को अच्छी तरह चबाकर और धीरे-धीरे खाएं। इससे दिमाग को पेट भरने का संकेत समय पर मिल जाता है।
  • अपनी प्लेट में स्वाद और पोषण का सही संतुलन रखें, ताकि सेहत के साथ सर्दियों का आनंद लिया जा सके।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें