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पानी पीने वाली बोतल भी बिगाड़ सकती है सेहत! खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

Wed, 16 Sep 2026 03:39 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Water Bottles Buying Guide: इस लेख में जानें, सेहत के लिए कौन-सी वाटर बॉटल सुरक्षित है और स्टील, कांच व कॉपर बोतल का इस्तेमाल करते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखें।
 
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सेहत के लिए कौन-सी वाटर बॉटल है सुरक्षित? - फोटो : AI
Water Bottles Buying Guide: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घर से बाहर, ऑफिस या यात्रा के दौरान शरीर में पानी की पूर्ति करना आसान नहीं है। ऐसे में शरीर में पानी की पूर्ति करने के लिए वाटर बॉटल हमारे रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस बोतल से आप पानी पी रहे हैं, वह वाकई सुरक्षित है या नहीं? गलत सामग्री वाली बोतल पानी की गुणवत्ता खराब कर सकती है और लंबे समय में सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। इस समय बाजार में स्टेनलेस स्टील, कॉपर, कांच, वैक्यूम इंसुलेटेड और स्मार्ट बोतलों के ढेरों विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में सेहत को नुकसान न पहुंचाने वाली सही बोतल चुनना किसी चुनौती से कम नहीं है।  जरूरत, उम्र और जगह के हिसाब से सही विकल्प चुनने से न सिर्फ पानी सुरक्षित रहता है, बल्कि इस्तेमाल भी आसान और सुविधाजनक हो जाता है।

 
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सेहत के लिए कौन-सी वाटर बॉटल है सुरक्षित? - फोटो : AI
बोतलें तो बहुत हैं

बाजार में एक से एक बेहतरीन डिजाइन और आकार में वाटर बॉटल उपलब्ध हैं, जैसे- स्टेनलेस स्टील की बोतलें मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक चलती हैं। तांबे या कॉपर की बॉटल पारंपरिक पसंद मानी जाती है। वैक्यूम इंसुलेटेड बोतलें पानी को लंबे समय तक ठंडा या गरम रखती हैं, इसलिए सफर और ऑफिस के लिए उपयोगी हैं। वहीं, कांच की बोतलें स्वाद और शुद्धता बनाए रखती हैं। इसके अलावा प्लास्टिक, एल्युमिनियम, स्पोर्ट्स और फिल्टर बोतलें भी लोग खूब पसंद करते हैं।

बच्चों के लिए मजबूत और सुरक्षित बोतल चुनें

बच्चों के लिए ऐसी वाटर बॉटल बेहतर होती है, जो मजबूत, हल्की और इस्तेमाल में आसान हो। फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील बोतलें बच्चों के लिए अच्छा विकल्प है, क्योंकि इससे हानिकारक रसायन नहीं निकलते। साथ ही आप स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए लीक-प्रूफ ढक्कन और आसान पकड़ वाली बोतल चुनें, ताकि वे बिना परेशानी के पानी पी सकें।

ऑफिस और कॉलेज के लिए वैक्यूम इंसुलेटेड बोतल

ऑफिस में रहने वालों के लिए वैक्यूम इंसुलेटेड स्टील बॉटल सबसे उपयोगी साबित होती है। इसमें पानी कई घंटों तक ठंडा या गरम बना रह सकता है। लंबी मीटिंग, यात्रा या पूरे दिन की व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए यह बोतल बेहद सुविधाजनक है। कॉलेज जाने वाली छात्राएं भी इसे चुन सकती हैं। खास बात है कि ये बोतलें कई स्टाइलिश डिजाइन में भी आती हैं, जो आपकी ऑफिस टेबल पर एक प्रीमियम लुक देती हैं।

घर में स्टील या कांच की बोतल रखें

घर में रोजाना उपयोग के लिए स्टेनलेस स्टील की बोतल टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाला विकल्प है। वहीं, कांच की बोतल उन लोगों के लिए अच्छी है, जो पानी का स्वाद बिल्कुल प्राकृतिक रखना चाहते हैं। हालांकि कांच की बोतल की ज्यादा देखभाल करनी पड़ती है। इसलिए परिवार के सभी सदस्यों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग आकार की बोतलें रखें।

कॉपर और स्मार्ट बोतल का सोच-समझकर इस्तेमाल करें

कॉपर यानी तांबे की बोतलें पारंपरिक रूप से इस्तेमाल की जाती रही हैं और हाल के वर्षों में लोकप्रिय भी हुई हैं। कई लोग इन्हें स्वास्थ्य लाभों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इनका सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। बोतल में लंबे समय तक पानी रखने के बजाय नियमित रूप से उसकी सफाई और उचित देखभाल करनी चाहिए। विशेषज्ञ कहते हैं कि वाटर बॉटल खरीदते समय केवल डिजाइन या रंग पर ध्यान न दें, उसकी सामग्री, मजबूती, सफाई की सुविधा और अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देना अधिक महत्वपूर्ण है।

बाजार में और भी विकल्प

ये हैं स्मार्ट बॉटल

आजकल ब्लूटूथ और एलईडी लाइट वाली बोतलें भी आ रही हैं, जो फोन से कनेक्ट होकर पानी पीने का लक्ष्य याद दिलाती हैं।

आपको पता है?

प्लास्टिक की बोतलों पर बनीं लकीरें उन्हें मजबूती देने के लिए होती हैं और दबाव से उनके फटने के खतरे को कम करती हैं।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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