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Heart Health: घर पर ही कैसे पता लगाएं कि आपका हृदय स्वस्थ है या नहीं? जानिए इसका तरीका और आप भी करिए टेस्ट

Thu, 05 Jun 2025 06:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

युवाओं में हृदय रोगों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, इसका मुख्य कारण अस्वस्थ जीवनशैली, तनाव, मोटापा, उच्च रक्तचाप और मधुमेह है। घर पर कैसे पता कर सकते हैं आपका हृदय स्वस्थ है या नहीं? आइए जानते हैं।
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हार्ट हेल्थ का कैसे लगाएं पता? - फोटो : Freepik.com
Heart Health: हृदय की समस्याएं अब उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं, कम उम्र के लोग यहां तक कि 30 से कम आयु वालों में भी हाल के वर्षों में हार्ट की बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं।

20 की उम्र में लोगों में हार्ट अटैक के कई मामले सुर्खियों में रहे हैं। जिम करते हुए, खेलते-खेलते या पार्टी में डांस करते हुए लोगों की हार्ट अटैक से मौत की खबरों ने खूब डराया है। इसका मतलब है कि हृदय रोग किसी को भी प्रभावित कर सकता है, इसलिए सभी उम्र वालों को इसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। 

अध्ययन बताते हैं कि 20 से 44 वर्ष की आयु के युवाओं में हृदय रोगों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, इसका मुख्य कारण अस्वस्थ जीवनशैली, तनाव, मोटापा, उच्च रक्तचाप और मधुमेह है। तंबाकू-धूम्रपान की आदत के कारण भी हार्ट पर असर हो रहा है जिसको लेकर विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं।
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हार्ट अटैक के बढ़ते मामले - फोटो : Adobe stock photos
हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हृदय संबंधी बीमारियां आज वैश्विक स्तर पर मृत्यु का प्रमुख कारण हैं। पिछले कुछ वर्षों में हार्ट अटैक (हृदयाघात) के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है, खासकर युवाओं में। हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय को रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली धमनियां (कोरोनरी आर्टरीज) अवरुद्ध हो जाती हैं। इससे हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता और हृदय काम करना बंद कर देता है।

अब सवाल ये है कि आप घर पर ही कैसे पता कर सकते हैं आपका हृदय स्वस्थ है या नहीं?
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सीढ़ी चढ़ने के फायदे - फोटो : freepik
घर पर कैसे जानें हृदय स्वस्थ है या नहीं?

इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ आसान से उपाय बताए हैं जिससे आप अपने हार्ट हेल्थ का अंदाजा लगा सकते हैं। ये कोई सटीक मानक नहीं है हालांकि इससे हृदय की सेहत को समझने में कुछ मदद जरूर मिल सकती है।

पल्स रेट
अपने बाएं हाथ की कलाई के अंदरूनी हिस्से पर अंगुली रखें। 10 सेकंड में धड़कनों की संख्या गिनें और उसे 6 से गुणा करें। सामान्य हृदय दर 60-100 बीट प्रति मिनट होती है। अगर ये दर 110 से ज्यादा रहती है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।

ग्रिप स्ट्रेंथ टेस्ट
हाथों के पकड़ की ताकत हृदय स्वास्थ्य का संकेत देती है। कमजोर पकड़ हृदय रोग के बढ़ते जोखिम से जुड़ी हो सकती है। घर पर कोई भी डब्बे के ढक्कन को कसकर बंद करें औऱ फिर उसे खोलें। अगर आप इसे खोल लेते हैं तो ये अच्छा संकेत हो सकता है।

सीढ़ी चढ़ने का परीक्षण
यदि आप 1 मिनट में लगभग 60 सीढ़ियां चढ़ लेते हैं, तो यह अच्छे हृदय स्वास्थ्य का संकेत है। वहीं यदि कुछ ही सीढ़ियों के बाद थकावट या सांस फूलने लगती है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


(ये भी पढ़िएहार्ट अटैक से बचे रहने के लिए कौन-कौन से टेस्ट कराएं)
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हाथों के ग्रिप की करें जांच - फोटो : Adobe Stock
हाथ के पकड़ कमजोर तो नहीं?

ऑस्ट्रिया स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एप्लाइड सिस्टम्स एनालिसिस के वैज्ञानिकों ने हाथ के पकड़ की ताकत और इसके आधार पर शरीर में बन रही बीमारियों के जोखिम को पता लगाने के लिए एक अध्ययन किया था।

वैज्ञानिकों का कहना है कि हाथों की कमजोर होती पकड़ उम्र, लिंग और लंबाई पर निर्भर करती है, हालांकि यदि आपमें इस तरह की दिक्कत का अनुभव हो रहा है तो विशेष सावधान हो जाने की जरूरत है।

समान उम्र और लिंग के लोगों की तुलना में अगर आपकी पकड़ कमजोर है तो इसे हृदय रोग की समस्याओं का संकेत माना जा सकता है। इसमें हार्ट फेलियर और हृदय के सामान्य कार्यों में समस्या का भी संकेत माना जा सकता है। यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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