दिनभर थकान बने रहने का कारण
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स्क्रीन (मोबाइल/लैपटॉप) से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन के कार्यों को बाधित करती है, जिससे नींद की प्राकृतिक लय बिगड़ जाती है। जो लोग रात में अधिक मोबाइल का इस्तेमाल करते रहते हैं उनमें इस तरह की समस्या का असर अधिक देखा जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर रात बस 8 घंटे सोना काफी नहीं, आपकी नींद की गुणवत्ता कैसी है ये ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कुछ उपाय जैसे सोने से 1 घंटे पहले स्क्रीन बंद करना, हर दिन एक ही समय पर सोना और जगना, कैफीन वाली चीजों का सेवन कम से कम करना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना न सिर्फ आपके नींद की क्वालिटी में सुधार करता है बल्कि इससे आप दिनभर ऊर्जावान भी बने रहते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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