फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nipah Virus: चमगादड़ से इंसानों में कैसे पहुंचा था निपाह वायरस, छह साल अध्ययन के बाद खुला रहस्य

Sun, 08 Nov 2020 02:18 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
Nipah Virus: निपाह वायरस के चमगादड़ से इंसान के अंदर पहुंचने की परिस्थितियों से पर्दा उठ गया है - फोटो : Social Media
केरल में दो साल पहले कहर बरपा चुके जानलेवा निपाह वायरस के चमगादड़ से इंसान के अंदर पहुंचने की परिस्थितियों से पर्दा उठ गया है। छह साल के अध्ययन के बाद यह रहस्य खुल पाया है। इसका पता चल जाने से अगली बार इंसानों में इस वायरस के फैलने पर उसे काबू किया जा सकेगा। दरअसल, अपने संक्रमण की चपेट में आने वाले 75 फीसदी लोगों की जान लेने वाले निपाह वायरस का फैलाव मुख्य तौर पर चमगादड़ों की एक खास नस्ल से होता है, जिसे इंडियन फ्लाइंग फॉक्स कहा जाता है। केरल में 2018 में निपाह वायरस फैला था और इसके संक्रमण से 17 लोगों की जान गई थी। उस समय केरल और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में किए गए अध्ययन में सामने आया था कि इंडियन फ्लाइंग फॉक्स इस वायरस को फैला सकता है। 
विज्ञापन

2 of 5
Nipah Virus - फोटो : Pixabay
निपाह वायरस फैलाने वाले स्रोत की जानकारी मिलने के बावजूद इसके इंसानों में पहुंचने का तरीका अभी तक पता नहीं चल पाया था। लेकिन हाल ही में पीएनएएस साइंस जनरल में प्रकाशित छह साल लंबे अध्ययन के बाद पता चला कि निपाह वायरस (एनआईवी) फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है। लेकिन यह केवल उन क्षेत्रों में ही इंसानों के बीच नहीं फैलता, जहां इसका प्रकोप हुआ है बल्कि यह उन सभी क्षेत्रों में फैल सकता है, जहां इन चमगादड़ों की मौजूदगी है। 
विज्ञापन

3 of 5
केरल में 2018 में निपाह वायरस फैला था(File Photo) - फोटो : PTI
इस शोध का नेतृत्व कर रहे जोनाथन एप्सटिन के मुताबिक, निपाह वायरस का प्रकोप इंसानों में फैलने से रोकने के लिए हमें जानना होगा कि चमगादड़ कब इसे फैला सकता है। इस अध्ययन में चमगादड़ों में निपाह संक्रमण के पैटर्न को गहराई तक समझाने की कोशिश की गई है। जोनाथन अमेरिका की इकोहेल्थ एलायंस से जुड़े हैं और उस टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जिसने 2002-03 में सार्स वायरस महामारी के जानवरों में फैलने के लिए जिम्मेदार हॉर्सशू चमगादड़ों की पहचान की थी। 

4 of 5
केरल में 2018 में निपाह वायरस के संक्रमण से 17 लोगों की जान गई थी(File Photo) - फोटो : Pixabay
केरल में 2018 में निपाह वायरस फैला था और इसके संक्रमण से 17 लोगों की जान गई थी। उस समय केरल और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में किए गए अध्ययन में सामने आया था कि इंडियन फ्लाइंग फॉक्स इस वायरस को फैला सकता है। दुनिया के अन्य हिस्सों में भी यह वायरस अपना संक्रमण फैला चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Nipah virus - फोटो : Pixabay
जोनाथन का कहना है कि इस बात की सैद्धांतिक संभावना है कि साल के किसी भी समय इन चमगादड़ों के संपर्क में आने पर इंसानों में संक्रमण फैल सकता है। हालांकि इन चमगादड़ों का आसपास रहना भी अहम है, क्योंकि ये फलों के पेड़ों के बीजों की परागण प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, ऐसे में उनसे दूर रहना नहीं बल्कि वायरस ट्रांसमिशन के तरीकों को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है। वे कब हमारे खाने और पानी को संक्रमित करते हैं, यह जानना भी बेहद ज्यादा महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें