फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वैक्सीन आपके और बच्चों के लिए कितनी सुरक्षित? यहां जानें सबकुछ

Sat, 16 Jan 2021 01:20 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
जिस दिन का इंताजर पूरे भारत के लोगों को था वो आखिरकार आ ही गया और आज देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को मात देने वाले टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इसके बाद देश में तीन हजार से ज्यादा सेंटर्स पर कोरोना की वैक्सीन लगने का काम शुरू हो गया है। भारत में निर्मित दो वैक्सीन कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है। लेकिन इन सबके बीच लोगों के मन में ये सवाल भी कहीं न कहीं घूम रहा है और सोशल मीडिया पर भी इस बात का जिक्र काफी हो रहा है कि ये दोनों वैक्सीन हमारे और हमारे परिवार के लिए कितनी सुरक्षित हैं? तो चलिए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
दरअसल, आम लोगों को टीका मिलने में अभी काफी समय लग सकता है, क्योंकि पहले चरण में केवल स्वास्थ्यकर्मियों को ही टीका लगाया जा रहा है। वहीं, दूसरे चरण में हमारे जवानों को और इसके बाद ये बुजुर्ग लोगों से लेकर बाकी लोगों ये टीका लगाया जाएगा। लेकिन भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के साथ एक और चिंता ब्रिटिश पत्रिका बीएमजे की एक रिपोर्ट से सामने आई। इस अध्ययन से पता चलता है कि जो लोग जातीय अल्पसंख्यकों से संबंधित हैं, वो इस टीकाकरण को लेकर बेहद असुरक्षित हैं। उनका यहां तक कहना है कि ये टीका उनकी जीवन प्रत्याशा को कम कर सकता है। इसी तरह के दावे अमेरिका में शोधकर्ताओं ने भी किए हैं।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आज से देश में टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है, ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि ये टीका लोगों के लिए कितना सुरक्षित हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, वो इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि भारत में वैक्सीन को लॉन्च करने के लिए आपातकालीन स्वीकृति दी गई है, लेकिन डॉक्टर्स ये भी मानते हैं कि भारत में लॉन्च किए गए दोनों टीकों में 70 से 80% प्रभावकारिता दिखाई गई है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों को बचाया जा सकता है। साथ ही डॉक्टर्स ये भी मानते हैं कि, हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि हर दवाई बेअसर नहीं होती, बल्कि उसका कोई असर जरूर होता है।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉक्टर्स से लेकर वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों ने तक इस बात को कहा है कि कोवैक्सीन और कोविशिल्ड लेने के बाद मामूली बुखार, दर्द, और कुछ सामान्य एलर्जी हो सकती हैं जिनका आसानी से इलाज भी हो सकता है। लोगों के मन में ये भी सवाल है कि क्या ये टीका उनके बच्चों के लिए सुरक्षित है, तो यहां ये जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना वैक्सीन का ट्रायल 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों पर किया गया है, ऐसे में फिलहाल बच्चों को इसकी डोज नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
लेकिन ये बात सभी को समझने की जरूरत है कि टीका लगने का ये बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि आप अब शारीरिक दूरी, मास्क पहनना, हाथों को बार-बार धोने जैसी चीजों से आजाद हो गए हैं। बल्कि इन चीजों का पालन हमें पहले जैसे ही करते रहना है। डॉक्टर्स भी इस बात को मानते हैं कि मास्क, सैनिटाइजर जैसी चीजें फिलहाल हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं और हमें इनका लगातार उपयोग करते रहना चाहिए। वहीं, देश में टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है और सरकार से लेकर डॉक्टर्स तक लोगों को बिना डरे कोरोना का टीका लगवाने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, इसके लिए जबरदस्ती किसी के साथ नहीं की जाएगी, लोग चाहे तो टीका लगवा सकते हैं और चाहे तो नहीं लगवा सकते।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें