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महिलाएं ध्यान दें: पीरियड के ये संकेत दे सकते हैं सेहत से जुड़ी समस्या का इशारा, डॉक्टर से जानें पूरी बात

Fri, 25 Sep 2026 12:33 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

What Your Period Says About Your Health: हर महिला को ये समझने की जरूरत है कि पीरियड की वजह से वो अपनी सेहत का हाल पता लग सकी है। डॉक्टर इस बारे में क्या कहते हैं, आइए जानते हैं।
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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : AI
What Your Period Says About Your Health: महिलाओं की सेहत में पीरियड्स को अक्सर सिर्फ मासिक धर्म के तौर पर देखा जाता है, जबकि इसमें होने वाले बदलाव शरीर की सेहत से जुड़ी कई जरूरी बातें बता सकते हैं। पीरियड्स का समय पर न आना, ब्लीडिंग में बदलाव या दर्द का बढ़ जाना जैसी समस्याएं कई महिलाओं को परेशान करती हैं। 

कई बार महिलाएं इन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं लेकिन क्या हर तरह का बदलाव सामान्य होता है? पीरियड्स में होने वाले किन बदलावों पर महिलाओं को खास ध्यान देना चाहिए और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है? इस बारे में विस्तार से जानने के लिए आइए इस लेख में डॉ. श्वेता मेंदिरत्ता, डायरेक्टर एवं यूनिट हेड, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, से जानते हैं कि पीरियड्स से जुड़े किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
 
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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : Freepik.com
 लगातार अनियमित पीरियड्स

 कभी-कभार पीरियड्स की तारीख आगे-पीछे होना सामान्य हो सकता है। तनाव, यात्रा या दिनचर्या में बदलाव भी इसका कारण बन सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक पीरियड्स अनियमित रहें, तो PMOS या थायरॉइड जैसी स्थितियों की जांच की जरूरत पड़ सकती है।

 
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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : Freepik.com
बहुत ज्यादा ब्लीडिंग

 अगर पीरियड्स के दौरान सामान्य से काफी ज्यादा रक्तस्राव हो रहा है या लंबे समय तक ब्लीडिंग बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक ज्यादा ब्लीडिंग होने से शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया की समस्या हो सकती है।

 

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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : Freepik.com
अचानक बहुत कम ब्लीडिंग या पीरियड्स बंद होना

 पीरियड्स का अचानक हल्का हो जाना या कुछ समय के लिए बंद होना कई कारणों से हो सकता है। गर्भावस्था, तेजी से वजन कम होना, पर्याप्त पोषण न मिलना, अत्यधिक व्यायाम और हार्मोनल बदलाव इसके संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं।

 
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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : Freepik.com
 पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा दर्द

 हल्का दर्द या ऐंठन पीरियड्स के दौरान आम हो सकती है। लेकिन अगर दर्द इतना ज्यादा हो कि काम, नींद या एक्सरसाइज प्रभावित होने लगे और बार-बार दर्द की दवा लेने की जरूरत पड़े, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस या फाइब्रॉइड जैसी स्थितियों में भी ज्यादा दर्द हो सकता है।

 
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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : Freepik.com
 पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग

 दो पीरियड्स के बीच अचानक ब्लीडिंग या बार-बार स्पॉटिंग होने पर इसकी वजह समझना जरूरी है। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव से लेकर अन्य स्त्री रोग संबंधी कारण हो सकते हैं। अगर यह समस्या लगातार हो रही है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

 
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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : Freepik.com
जीवनशैली का भी पड़ सकता है असर

 लगातार तनाव, नींद की कमी, अचानक वजन में बदलाव, बहुत कम खाना या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी मासिक चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए एक बार हुए बदलाव से घबराने के बजाय यह देखना जरूरी है कि समस्या बार-बार हो रही है या नहीं।
 
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पीरियड्स में ये बदलाव न करें नजरअंदाज - फोटो : AI

पीरियड्स को ट्रैक करना क्यों जरूरी?

 महिलाएं पीरियड्स की तारीख के साथ-साथ ब्लीडिंग कितने दिनों तक रही, उसकी मात्रा, दर्द की तीव्रता और बीच में ब्लीडिंग जैसे लक्षणों को भी नोट कर सकती हैं। यह जानकारी डॉक्टर को समस्या का आकलन करने में मदद कर सकती है।

गायनेकोलॉजिस्ट श्वेता के अनुसार, पीरियड्स किसी बीमारी का निदान नहीं करते, लेकिन इनमें लगातार होने वाले बदलाव शरीर में चल रही किसी समस्या के संकेत हो सकते हैं। इसलिए असामान्य बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
  
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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