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अलर्ट: मोटापा बढ़ा तो बिगड़ सकता है शरीर का हार्मोनल बैलेंस, घेर लेंगी ये गंभीर समस्याएं

Sat, 26 Sep 2026 04:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शरीर की चर्बी केवल वजन बढ़ने का कारण नहीं बनती। ये कई प्रकार के हार्मोन्स में भी गड़बड़ी कर सकती है। मोटापे के साथ इंसुलिन प्रतिरोध, पुरुषों में लो टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में पीसीओएस जैसी समस्याओं का खतरा हो सकता है।
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मोटापे के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
अधिक वजन और मोटापे को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए समस्याओं का कारण माना जाता है। जिन लोगों का वजन सामान्य से अधिक होता है उनमें कई प्रकार की बीमारियों का खतरा देखा जाता रहा है। ये आपमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल से लेकर कई प्रकार के कैंसर के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापे को अक्सर लोग सिर्फ वजन बढ़ने की समस्या मानते हैं, लेकिन शरीर में अतिरिक्त चर्बी का असर इससे कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकता है। शरीर का फैट टिश्यू केवल ऊर्जा जमा करने का काम नहीं करता। अध्ययनों में पाया गया है कि इससे कई ऐसे हार्मोन्स से जुड़े संकेत प्रभावित हो सकते हैं जो भूख, मेटाबॉलिज्म, इंसुलिन, प्रजनन क्षमता और शरीर में सूजन जैसी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाले हो सकते हैं।

आइए जानते हैं कि मोटापे की समस्या के कारण आपको किस तरह की हार्मोनल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है?
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वजन बढ़ने की समस्या - फोटो : Freepik.com
मोटापे के कारण हार्मोनल समस्याएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, महिला हो या पुरुष, सभी के शरीर पर  मोटापे के कारण हार्मोनल असंतुलन का खतरा हो सकता है। महिलाओं में इससे मासिक धर्म की गड़बड़ी, पीएमओएस से जुड़ी समस्याएं या पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 
 
  • शरीर में मौजूद फैट टिश्यू एक सक्रिय ऊतक है। यह लेप्टिन जैसे हार्मोन और कई दूसरे बायोलॉजिकल संकेतों को प्रभावित करता है। 
  • लेप्टिन दिमाग को शरीर में ऊर्जा भंडार के बारे में संकेत देता है और भूख व ऊर्जा संतुलन के लिए भी जरूरी है। 
  • मोटापे के कारण इंसुलिन प्रतिरोध भी विकसित हो सकता है। इसका मतलब है कि शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति सामान्य तरीके से प्रतिक्रिया नहीं देतीं। इससे ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए शरीर को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है और आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
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हार्मोनल और प्रजनन की समस्याएं - फोटो : freepik.com
पुरुषों और महिलाओं में हार्मोन पर क्या असर पड़ सकता है?
 

अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापे के कारण पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में फैट की मात्रा ज्यादा होने के साथ इंसुलिन प्रतिरोध, शरीर में सूजन और प्रजनन से जुड़े हार्मोन्स में बदलाव भी देखे जाते हैं।
 
  • महिलाओं में मोटापे की समस्या के कारण पीसीओएस और प्रजनन से जुड़े हार्मोनल बदलावों का खतरा हो सकता है।
  • इस वजह से पीरियड्स में अनियमितता, गर्भधारण में परेशानी, चेहरे पर ज्यादा बाल आने जैसी समस्याओं का खतरा हो सकता है।
  • कुछ अध्ययनों में इसे पेट के कैंसर के खतरे को भी बढ़ाने वाला पाया गया है।
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मोटापे को कम करने का करें प्रयास - फोटो : Freepik.com
इन समस्याओं से कैसे पाएं राहत?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापे से जुड़े हार्मोनल बदलावों को केवल दवाओं से ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए डॉक्टर आपको वजन कंट्रोल करने, खान-पान में सुधार करने, शारीरिक गतिविधि को बढ़ाने की भी सलाह देते हैं।

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि वजन कम करने से मोटापे से जुड़े पुरुषों के टेस्टोस्टेरोन और प्रजनन समस्याओं में सुधार हो सकता है। अगर आपको भी कुछ समय से हार्मोनल समस्याएं हो रही हैं तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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