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वेट लॉस: जल्दी पतले होने के चक्कर में कहीं और बड़ी समस्या तो नहीं ले रहे मोल? न करें ऐसी भूल

Sun, 06 Sep 2026 06:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वजन कम करना तभी फायदेमंद है जब इसकी रफ्तार कंट्रोल में हो। बहुत तेजी से वजन घटाने पर मांसपेशियों की कमी, पोषण की समस्या और गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा बढ़ सकता है। सामान्य तौर पर करीब 400-900 ग्राम प्रति सप्ताह धीरे-धीरे वजन घटाना बेहतर माना जाता है। बिना कोशिश वजन घटे तो जांच जरूरी है।
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वजन घटाने से पहले जान लें ये बातें - फोटो : Amarujala.com/AI
वजन बढ़ना मौजूदा समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, सभी उम्र के लोग इसका शिकार देखे जा रहे हैं। अधिक वजन या मोटापा सिर्फ शरीर के लुक को ही नहीं खराब करता है, बल्कि समय के साथ इसके कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, गठिया और दिल की बीमारियों से लेकर कई तरह के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।

यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपना वजन कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं। नियमित रूप से व्यायाम और हेल्दी खानपान की मदद से आप आसानी से वजन घटा सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वजन कम करना सेहत को ठीक रखने के लिए जरूरी है, लेकिन वजन कितनी तेजी से कम हो रहा है, यह भी उतना ही जरूरी है। कई लोग कुछ ही हफ्तों में कई किलो वजन कम करने के लिए खाना बहुत कम कर देते हैं, डाइटिंग करते  हैं या सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले तरीके अपनाना शुरू कर देते हैं। शुरुआत में वजन तेजी से कम होता देखकर अच्छा लग सकता है पर क्या आप जानते हैं कि हफ्ते में 1-2 किलो या महीने में 5-6 किलो घटना हमेशा अच्छा संकेत नहीं होता। 

बहुत तेजी से वजन घटाना आपको फायदे की जगह नई मुसीबतों में डाल सकता है। वहीं अगर बिना किसी खास प्रयास के वेट लॉस हो रहा है तो ये और भी ज्यादा चिंता की बात है।
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वेट लॉस के समय बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
वेट लॉस करते समय बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वजन कम करने का मतलब सिर्फ वेट मशीन पर दिखने वाले नंबर को कम करना नहीं है। हमेशा ये ध्यान रखें कि वजन घटाते समय मांसपेशियों और पोषण को बचाते हुए धीरे-धीरे फैट कम करना आपका लक्ष्य होना चाहिए। 
 
  • सामान्य तौर पर हर सप्ताह करीब 400-800 ग्राम वजन कम करना सुरक्षित माना जाता है। 
  • धीरे-धीरे वजन कम करने से उसे लंबे समय तक कंट्रोल बनाए रखना भी आसान होता है।

हालांकि अगर आप बहुत तेजी से वजन घटा रहे हैं तो ये समय के साथ पित्ताशय में पथरी यानी गॉलब्लैडर स्टोन जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है, जिसमें आपको ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है।
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वजन कम करने पर दें ध्यान - फोटो : Adobe stock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

फिटनेस एक्सपर्ट डॉ राजीव राय कहते हैं, आप वजन को जितने कंट्रोल तरीके से कम करते हैं उसके उतने ही देर तक टिके रहने की संभावना होती है। वेट लॉस का मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को हर सप्ताह  400-900 ग्राम वजन घटाना ही है। वजन कम करने का तरीका ऐसा होना चाहिए जिसमें शरीर को पर्याप्त पोषण मिले और मांसपेशियों की कमी न होने पाए। 

वेट लॉस के चक्कर में खाना कम खाना, सख्त डाइटिंग करना आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी कर सकता है, जिसके कारण सेहत को कई तरह के नुकसान का जोखिम रहता है।
 
  • बहुत कम खाना या बहुत लो कैलोरी वाली डाइट लंबे समय तक लेने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन और मिनरल नहीं मिल पाते। 
  • ऐसी स्थिति में वजन घटने के साथ मांसपेशियों का भी नुकसान हो सकता है। 
  • इससे कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है और शरीर की ताकत प्रभावित हो सकती है।

तेजी से वजन कम करने की कोशिश में पानी की कमी भी हो सकती है। इसलिए वजन घटाते समय संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और उचित मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी है।

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गॉलब्लैडर स्टोन की समस्या - फोटो : Adobe Stock
तेजी से वजन घटाने के खतरे

डॉ राजीव बताते हैं,  बहुत तेजी से वजन घटाने की कोशिश में आप गॉलब्लैडर स्टोन की समस्या का शिकार हो सकते हैं। बहुत लो कैलोरी वाली डाइट और तेज वजन घटने से शरीर के पित्त संतुलन में बदलाव होने लगता है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ जाती है।
 
  • वजन कम करने का लक्ष्य कम से कम समय में ज्यादा किलो घटाना नहीं होना चाहिए। 
  • अगर वजन घटाने के दौरान पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द हो जो भोजन के बाद बढ़ जाए, उल्टी या बुखार जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। ये गॉलब्लैडर स्टोन का संकेत हो सकता है।
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वजन घटना कैंसर का हो सकता है संकेत - फोटो : Amarujala.com/AI
बिना कोशिश के वजन घटना भी खतरनाक

अगर आपने डाइट या एक्सरसाइज में कोई खास बदलाव नहीं किया और फिर भी वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसे अच्छी खबर मानकर खुश नहीं होना चाहिए। बिना कारण के वजन घटने के पीछ कई बार कुछ बीमारियां भी कारण हो सकती हैं। आमतौर पर तनाव, पाचन संबंधी बीमारियां, ओवरएक्टिव थायरॉयड,  डायबिटीज या पोषण की कमी में ये दिक्कत देखने को मिलती है।

अगर वजन कम होने के साथ भूख कम हो गई है, लगातार थकान, दस्त-उल्टी, अत्यधिक प्यास या बार-बार पेशाब आता हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। बिना कारण लगातार वजन घटना कई बार कैंसर की समस्या में भी देखा गया है। यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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