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Vitamin-D: विटामिन-डी के लिए क्या गर्मियों में भी धूप में रहना सही है? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय

Tue, 05 May 2026 04:02 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vitamin-D Kaise Badhaye: विटामिन-डी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। सूर्य की रोशनी इसका सबसे बड़ा स्रोत है। अब सवाल ये है कि क्या गर्मियों में भी विटामिन-डी के लिए धूप में समय बिताना जरूरी है? कितनी देर तक धूप में रहना सही है?
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विटामिन-डी सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें कई प्रकार के विटामिन्स-मिनरल्स की जरूरत होती है, विटामिन-डी उनमें से एक है। शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर, कैल्शियम के अवशोषण, हड्डियों-दांतों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए विटामिन-डी जरूरी होता है। हालांकि चिंताजनक रूप से दुनियाभर में लोगों में इसकी कमी तेजी से बढ़ती जा रही है। सूर्य की रोशनी इसका सबसे अच्छा स्रोत है, इसके अलावा खान-पान में सुधार करके भी इसकी पूर्ति की जा सकती है।

विटामिन-डी की कमी न सिर्फ हड्डियों को कमजोर करती है, बल्कि इम्यून सिस्टम, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।

धूप में समय बिताने से शरीर खुद-ब-खुद विटामिन-डी का उत्पादन कर लेता है, ऐसे में सवाल ये है कि क्या विटामिन-डी के लिए गर्मियों में भी धूप में समय बिताना सही है?
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विटामिन-डी की कमी - फोटो : Freepik.com
लोगों में बढ़ रही है विटामिन-डी की कमी

अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि भारत जैसे देश में जहां साल के लगभग हर महीने में धूप रहती है, बावजूद इसके देश की 70-80% आबादी में विटामिन-डी की कमी देखी जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट्स में विटामिन-डी को सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल में खराबी और घर-ऑफिस के भीतर ज्यादा समय बिताना लोगों में इस विटामिन की कमी का कारण बन रही है।

गर्मियों में धूप इतनी तेज होती है। लू-हीट स्ट्रोक के जोखिमों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन दिनों में धूप में ज्यादा न निकलने की सलाह देते हैं, तो फिर विटामिन-डी कैसे प्राप्त करें? क्या इस मौसम में भी धूप में घूमना जरूरी है? 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मियों में ज्यादा देर तक धूप में नहीं रहना चाहिए। सुबह 6-7 के बीच धूप में 15-20 मिनट की वॉक भी आपके लिए पर्याप्त हो सकती है।
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धूप से मिलता है विटामिन-डी - फोटो : Freepik.com
गर्मियों में कितनी धूप जरूरी?

मेडिकल रिपोर्ट्स में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जब त्वचा पर सूरज की किरणें पड़ती हैं तो यूवी किरणों के प्रति शरीर में ऐसी प्रतिक्रियाएं होती हैं जो विटामिन-डी के उत्पादन को बढ़ाती हैं। 
 
  • हालांकि गर्मियों में सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच धूप सबसे ज्यादा तेज होती है।
  • दोपहर के वक्त धूप में रहने से शरीर में डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा रहता है। 
  • इसलिए दोपहर के समय धूप में जाने से बचना चाहिए।
  • सुबह के समय कुछ वक्त धूप में समय बिताने या वॉक करने से धूप के दुष्प्रभाव भी नहीं होते और शरीर को जरूरी विटामिन-डी भी आसानी से मिल जाता है।

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स्किन कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
इन बातों का भी रखें ध्यान

देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों तापमान 40 से पार देखा जा रहा है। गर्मियों में तेज धूप और अधिक तापमान में ज्यादा देर तक रहने से हीटस्ट्रोक से लेकर कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।
 
  • गर्मियों में दोपहर के समय धूप में रहने से बचें। इससे टैनिंग हो सकती है।
  • तेज धूप के कारण शरीर का तापमान बढ़ता है और शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है जिससे इलेक्ट्रोलाइट्स की भी कमी हो सकती है
  • कई अध्यययन बताते हैं कि सूर्य के यूवी किरणों के अधिक संपर्क के कारण स्किन कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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विटामिन-डी कैसे प्राप्त करें - फोटो : Freepik.com
धूप के अलावा इन चीजों से भी प्राप्त करें विटामिन-डी 

धूप के अलावा आप कुछ खाद्य पदार्थ भी विटामिन-डी की पूर्ति कर सकते हैं।
 
  • फैटी फिश, अंडे की जर्दी, दूध और साबुत अनाज से भी विटामिन-डी मिलता है।
  • जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है, उन्हें डॉक्टर विटामिन-डी सप्लीमेंट्स भी दे सकते हैं।
  • अगर आपकी इम्युनिटी कमजोर है, हड्डियों में दर्द रहता है तो विटामिन-डी की जांच कराएं और इसकी पूर्ति के उपाय करें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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