फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या ज्यादा प्रोटीन के सेवन से वाकई सेहत बनती है, तंदुरुस्त रहने के लिए कितना जरूरी?

Fri, 15 May 2020 04:05 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
विज्ञापन
1 of 6
हमें प्रोटीन युक्त आहार लेना चाहिए - फोटो : अमर उजाला
आम धारणा है कि अच्छी सेहत के लिए हमें ज्यादा प्रोटीन युक्त आहार लेना चाहिए। इसके लिए बाजार में आज हमारे पास कई तरह के रेडीमेड पैक्ड फूड उपलब्ध भी हैं। लेकिन, क्या हमने कभी ये जानने की कोशिश है कि हमारे शरीर को असल में कितने प्रोटीन की जरूरत है?
  • क्या ये वजन घटाने में भी सहायक है?
पिछले 20 सालों में लोग बड़ी संख्या में मोटापे का शिकार हुए हैं और अब ज्यादातर लोग सेहत के प्रति कुछ जागरूक भी हो गए हैं। इसके चलते लोगों ने अपने खाने की आदतों में बदलाव किया है। मिसाल के लिए सफेद डबल रोटी की जगह लोग ब्राउन ब्रेड या मोटे अनाज वाली ब्रेड खाने लगे हैं।

फुल क्रीम दूध की जगह स्किम्ड मिल्क लेने लगे हैं। प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए बाजार से तरह-तरह के प्रोटीन बार, प्रोटीन बॉल्स, दालों के सूप लेने लगे हैं। बाजार में इस तरह के उत्पाद की भरमार है। आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 2016 में दुनिया में प्रोटीन प्रोडक्ट का मार्केट करीब 12.4 अरब अमरीकी डॉलर का है। स्पष्ट है कि दुनिया भर में लोग प्रोटीन के रेडीमेड प्रोडक्ट खूब खरीद और खा रहे हैं।
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
ऐसा इसलिए क्योंकि हमें लगता है कि स्वस्थ रहने के लिए अधिक प्रोटीन जरूरी है। लेकिन जानकार इसे गैर-जरूरी और पैसे की बर्बादी करार देते हैं। उनका मानना है कि शरीर में प्रोटीन की जरूरत कोशिकाओं की मरम्मत और नई कोशिकाएं बनाने के लिए होती है।

प्रोटीन वाले खाने जैसे अंडा, मछली, डेयरी प्रोडक्ट, फलियां पेट में जाने के बाद अमीनो एसिड पैदा करती हैं, जिसे पेट की छोटी आंत चूस लेती है। फिर लिवर उन अमीनो एसिड में से शरीर के लिए जरूरी अमीनो एसिड को पहचान कर अलग कर लेता है और बाकी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं। 
विज्ञापन

3 of 6
जिम करने वाले लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट खाने को कहा जाता है।
जो लोग ज्यादा मेहनत का काम नहीं करते हैं, उन्हें अपने वजन के प्रति किलोग्राम के हिसाब से हर रोज 0.75 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। एक पुरुष को कम से कम 55 ग्राम और महिला को 45 ग्राम प्रोटीन रोज खाना चाहिए। प्रोटीन की कमी के चलते त्वचा फटी-फटी-सी हो सकती है। बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं। वजन कम हो सकता है।

आजकल लोगों को खास तौर से युवकों को बॉडी बिल्डिंग का बहुत शौक है। उनके लिए ज्यादा मात्रा में प्रोटीन खाना आवश्यक है, क्योंकि प्रोटीन मांसपेशियां बनाने का काम करता है। जो लोग ज्यादा मेहनतवाली एक्सरसाइज करते हैं उन्हें तो वर्कआउट के तुरंत बाद ही प्रोटीन लेना जरूरी है। इसीलिए जिम करने वाले लोगों को प्रोटीन के सप्लीमेंट जैसे प्रोटीन शेक, उबले हुए अंडे या पनीर खाने को कहा जाता है।

लेकिन, 2014 में आई एक रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि शुरुआत के कुछ हफ्तों में मांसपेशियां मजबूत बनाने में प्रोटीन सप्लीमेंट का कोई रोल नहीं होता। जब ट्रेनिंग सख्त होने लगती है तब ये सप्लीमेंट अपना काम करते हैं। हालांकि रिसर्च में ये दावा भी पूरी तरह सही साबित नहीं हुआ है। प्रोटीन का उचित लाभ लेने के लिए कार्बोहाइड्रेट का लेना भी जरूरी है।

4 of 6
यूनिवर्सिटी ऑफ स्टरलिंग में स्पोर्ट के प्रोफेसर केविन टिपटोन कहते हैं कि खिलाड़ियों और नियम से जिम करनेवालों के लिए प्रोटीन लेना जरूरी है लेकिन इसके लिए सप्लीमेंट की जरूरत नहीं। घर में बनने वाले खाने से भी इसकी भरपाई की जा सकती है।

हालांकि इसके कुछ अपवाद भी हैं। जैसे कुछ खेल ऐसे हैं, जिनमें खिलाड़ी को फिट रहने के लिए ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर की आवश्यकता है। इसे घर के खाने से पूरा नहीं किया जा सकता और ऐसे में सप्लीमेंट जरूरी हो जाते है।

आम लोगों में ज्यादा प्रोटीन की जरूरत बुजुर्गों को होती है। क्योंकि उन्हें अपनी मांसपेशियां मजबूत रखनी हैं। लेकिन अक्सर बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों का स्वाद बदलने लगता है। वो मीठा ज्यादा खाने लगते हैं। जानकारों के मुताबिक बुजुर्गों को शरीर के वजन के अनुसार 1।2 ग्राम प्रति किलो प्रोटीन लेना चाहिए। लेकिन कुछ आहार विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा प्रोटीन गुर्दों और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
विज्ञापन

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रोटीन सप्लीमेंट खाने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन दिक्कत ये है कि इनमें फोडमेप्स नाम के कार्बोहाईड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है जिसकी वजह से गैस, पेट में दर्द और अपच की परेशानी पैदा हो सकती है। साथ ही इनमें चीनी मिली होती है जो किसी भी लिहाज से सेहत के लिए उचित नहीं है। लिहाजा अगर कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट लें तो उस पर लिखी जानकारी ध्यान से जरूर पढ़ लें।

माना जाता है कि प्रोटीन, शरीर का वजन कम करने में मददगार होता है। प्रोटीन खाने के बाद पेट भरा रहता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। जिसके चलते बेवजह की कैलरी शरीर में नहीं पहुंचतीं।

जानकार कहते हैं कि अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो हाई-प्रोटीन वाला नाश्ता करना चाहिए। वहीं कुछ जानकार ये भी कहते हैं कि खाने से कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह हटा देने से हमारी आंतों की सेहत बिगड़ जाती है। और पूरे शरीर की सेहत ठीक रखने के लिए आंत को दुरुस्त रखना बहुत ज्यादा जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
ज्यादा प्रोटीन खाने के लालच में महंगे सप्लीमेंट खरीदते हैं
मोटापे के शिकार लोग कार्बोहाइड्रेट कम करके ज्यादा प्रोटीन खाने लगते हैं। मिसाल के लिए इनके खाने में 30 फीसदी प्रोटीन, 40 फीसदी कार्बोहाइड्रेट और 30 फीसदी वसा होती है। जबकि सामान्य व्यक्ति के खाने में 15 फीसदी प्रोटीन, 55 फीसदी कार्बोहाइड्रेट और 30 फीसदी वसा होती है।

अगर आप वाकई वजन कम करना चाहते हैं तो महज प्रोटीन ज्यादा खाने से ये काम नहीं होगा। इसके लिए हल्के मांस का प्रोटीन भी लिया जा सकता है। स्टडी तो ये भी बताती हैं कि प्रोटीन के लिए ज्यादा मात्रा में जानवरों का मांस खाना भी नुकसानदेह हो सकता है। इससे वजन भी बढ़ता है, खासतौर से रेड मीट तो कैंसर और ह्रदयरोग पैदा करने के मुख्य कारकों में से एक हो सकता है।

हालांकि ज्यादा प्रोटीन का सेवन बुरा नहीं है। इसके नकारात्मक प्रभाव काफी कम हैं। लेकिन बड़ा नुकसान ये है कि जो लोग ज्यादा प्रोटीन खाने के लालच में महंगे सप्लीमेंट खरीदते हैं। वो इसके लिए अपनी जेब पर बेवजह का भार डालते हैं, जबकि शरीर की जरूरत से ज्यादा खाया प्रोटीन, शौचालय में बह जाता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें