Coronavirus
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शोधकर्ताओं का कहना है कि यह आशंका और भी कम होती है, जब वह व्यक्ति केवल बात ही कर रहा हो। बता दें कि संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकले ड्रॉपलेट्स अगर हमारी नाक या मुंह के रास्ते अंदर प्रवेश कर जाते हैं, तो निश्चित ही हमारे कोरोना संक्रमित होने की संभावना प्रबल होती है।