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Smartphone Addiction: मोबाइल की लत आपकी सेहत पर डाल रही है बुरा असर, जानें बचाव के तरीके

Thu, 09 Jul 2026 01:04 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Health Tips: आज के समय में मोबाइल हर किसी की जरूरत बन गया है। पर, ये कैसे आपकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ को बर्बाद कर रहा है, आइए जानते हैं। 
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मोबाइल की लत आपकी सेहत पर डाल रही है बुरा असर - फोटो : AI
Health Tips: आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक ज्यादातर लोग मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। काम, पढ़ाई, ऑनलाइन पेमेंट, सोशल मीडिया, मनोरंजन और खरीदारी जैसे लगभग हर काम के लिए स्मार्टफोन पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा मोबाइल का उपयोग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। 

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से कई शारिरिक समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, सोशल मीडिया और लगातार नोटिफिकेशन की आदत मेंटल हेल्थ खराब होने का कारण भी बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि मोबाइल का इस्तेमाल संतुलित तरीके से किया जाए। 

आइए जानते हैं कि ज्यादा मोबाइल चलाने से आपकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर क्या-क्या असर पड़ सकता है और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
 
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मोबाइल की लत आपकी सेहत पर डाल रही है बुरा असर - फोटो : Freepik.com

1. आंखों पर पड़ता है बुरा असर

घंटों तक मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, जलन, धुंधला दिखाई देना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से डिजिटल आई स्ट्रेन का खतरा बढ़ जाता है।

क्या करें?
  •  20-20-20 नियम अपनाएं।
  •  स्क्रीन की ब्राइटनेस संतुलित रखें।
  •  रात में ब्लू लाइट फिल्टर का इस्तेमाल करें।

2. गर्दन और कमर में दर्द

मोबाइल देखते समय लंबे समय तक सिर झुकाकर बैठने से गर्दन, कंधों और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे "टेक्स्ट नेक" जैसी समस्या हो सकती है।

 क्या करें?
  •  मोबाइल आंखों के स्तर पर रखें।
  • हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें।
  • स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।

 
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मोबाइल की लत आपकी सेहत पर डाल रही है बुरा असर - फोटो : Adobe Stock
3. नींद की गुणवत्ता खराब होती है

सोने से पहले मोबाइल इस्तेमाल करने से स्क्रीन की ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है, जिससे नींद आने में परेशानी हो सकती है।

क्या करें?
  •  सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल बंद कर दें।
  • बेडरूम में मोबाइल का इस्तेमाल कम करें।

4. तनाव और चिंता बढ़ सकती है

लगातार सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, नोटिफिकेशन चेक करना और दूसरों से तुलना करना मानसिक तनाव, चिंता और मूड में बदलाव का कारण बन सकता है।

 क्या करें?
  • सोशल मीडिया का समय सीमित करें।
  • डिजिटल डिटॉक्स का अभ्यास करें।
  •  परिवार और दोस्तों के साथ ऑफलाइन समय बिताएं।

 

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मोबाइल की लत आपकी सेहत पर डाल रही है बुरा असर - फोटो : AI
5. ध्यान और याददाश्त पर असर

हर कुछ मिनट में मोबाइल चेक करने की आदत एकाग्रता को कम कर सकती है। इससे पढ़ाई और काम की उत्पादकता प्रभावित होती है।

क्या करें?
  •  काम के दौरान नोटिफिकेशन बंद रखें।
  •  फोकस टाइम तय करें।

6. शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं

ज्यादा मोबाइल चलाने से लोग घंटों बैठे रहते हैं, जिससे मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

 क्या करें?
  •  रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
  •  स्क्रीन टाइम के बीच-बीच में टहलें।

 
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मोबाइल की लत आपकी सेहत पर डाल रही है बुरा असर - फोटो : Amar Ujala
7. मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन

लगातार स्क्रीन देखने और हर समय ऑनलाइन रहने से दिमाग को आराम नहीं मिल पाता। इससे मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।

 क्या करें?
  • दिन में कुछ समय बिना मोबाइल के बिताएं।
  •  किताब पढ़ें, मेडिटेशन करें या कोई हॉबी अपनाएं।

8. स्क्रीन टाइम कैसे कम करें?
  •  स्क्रीन टाइम लिमिट सेट करें।
  • गैर-जरूरी ऐप्स की नोटिफिकेशन बंद करें।
  •  भोजन के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
  •  परिवार के साथ "नो फोन टाइम" तय करें।
  • सप्ताह में एक दिन डिजिटल डिटॉक्स करने की कोशिश करें।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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