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सेहत की बात: चोट लगने के कितने घंटे में लगवाएं टिटनेस का इंजेक्शन? एक टीका कितने साल तक देता है सुरक्षा

Sun, 13 Sep 2026 05:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आपको कभी भी जंग लगे लोहे से चोट लग जाए तो तुरंत टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी जाती है। अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि एक बार इंजेक्शन लगवाने के बाद ये कितने समय तक शरीर को सुरक्षा देता है?
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टिटनेस का इंजेक्शन - फोटो : Amarujala.com/AI
अगर आपको किसी लोहे वाली चीज से चोट लग जाए, कहीं कट जाए तो सबसे पहले टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी जाती है। ये आपको उस गंभीर और जानलेवा बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने में मदद करती है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है।

गौरतलब है कि टिटनेस एक गंभीर संक्रमण है, जो क्लोस्ट्रीडियम टेटानी  बैक्टीरिया के कारण होता है। ये मिट्टी, धूल और जंग लगी चीजों में पाए जाते हैं। त्वचा पर गहरे घाव, कट, या नुकीली चीज चुभने से यह शरीर में प्रवेश करते हैं। यही कारण है कि चोट लगने के बाद तुरंत इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी जाती है।  

पर क्या हर बार चोट के बाद ये इंजेक्शन लगवाना जरूरी है? एक बार लगा टीका कितने दिनों तक असर करता है और चोट लगने के बाद और किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए? अगर आपके मन में भी ये सारे सवाल हैं तो आइए इसका जवाब जान लेते हैं।
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टिटनेस का इंजेक्शन - फोटो : Freepik.com
बच्चों को दिए जाते हैं टीके

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, वैसे तो इम्यूनाइजेशन शेड्यूल यानी छोटे बच्चों को लगने वाली वैक्सीन के दौरान डीपीटी की खुराक दी जाती है।
 
  • डीपीटी का मतलब- डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस की वैक्सीन से है।
  • प्राथमिक टीकाकरण लेने वाले बच्चों में टिटनेस से सुरक्षा आमतौर पर लंबे समय तक रहती है।
  • लेकिन अगर आपको लोहे वाली चीज से या फिर ऐसी चोट लग जाए जिससे टिटनेस का खतरा हो सकता है तो फिर से वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने की सलाह दी जाती है।
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टिटनेस का टीका - फोटो : Freepik.com
चोट लगने पर टीका जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको चोट लग गई है और गहरा घाव हो गया है तो डॉक्टर एहतियातन टिटनेस का टीका लगवाने की सलाह देते हैं।
 
  • अगर आपको चोट किसी गंदी या मिट्टी-जंग लगी चीज से लगी है और पिछला टिटनेस टीका 5 साल या उससे अधिक पहले लगा था, तो बूस्टर की जरूरत पड़ सकती है। 
  • चोट लगने के 24-48 घंटे के भीतर जितनी जल्दी हो सके ये टीका ले लेना चाहिए ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
  • साफ और मामूली घाव में आमतौर पर 10 साल का अंतर देखा जाता है। 

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन बच्चों का टीकाकरण पूरा हुआ है उनमें सुरक्षा लंबे समय तक रहती है, लेकिन एंटीबॉडी का स्तर समय के साथ कम हो सकता है, इसलिए नियमित 10 साल पर बूस्टर डोज की सलाह दी जाती है। अगर टीकाकरण अधूरा है या आखिरी बार कब लगा था ये पता नहीं है तो चोट लगने पर तुरंत इंजेक्शन लगवाने की सलाह दे सकते हैं।
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घाव होने पर क्या करें? - फोटो : Adobe Stock
घाव होने पर क्या करें 

अगर आपको चोट लग गई है तो घाव को साफ पानी से अच्छी तरह साफ करें और मिट्टी या जंग जैसी गंदगी हटाएं। गंभीर या गहरे घाव को खुद से बंद करने या घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत डॉक्टर के पास जाकर टिटनेस का इंजेक्शन लें। 

अगर आप 48 घंटों के अंदर टिटनेस का इंजेक्शन नहीं लगवाते हैं, तो इससे बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आपको संक्रमण होगा ही। घाव-चोट की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर 48 घंटे के बाद भी यह इंजेक्शन लगवाने की सलाह देते हैं ताकि खतरे को कम किया जा सके।


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स्रोत: 
Tetanus Risk


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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