करीब 9 महीने तक शरीर में बनी रह सकती हैं एंटीबॉडीज
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बिना लक्षण वाले लोगों में भी पाई गईं एंटीबॉडीज
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि फरवरी और मार्च में संक्रमण की चपेट में आए करीब 99 फीसदी लोगों में नवंबर तक एंटीबॉडी प्रभावी रूप से कायम थी। खास बात यह रही कि जिन लोगों में कोरोना के एसिम्टोमैटिक मामले थे उनमें भी एंटीबॉडी का स्तर समान ही पाया गया। अध्ययन की प्रमुख लेखक इलारिया डोरिगटी कहती हैं, हमें ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि लक्षण वाले या बिना लक्षण वाले लोगों में एंटीबॉडी का स्तर अलग-अलग हो। इससे संकेत मिलता है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, लक्षण या बीमारी की गंभीरता पर निर्भर नहीं करती है। आपमें कोरोना के भले ही जिस स्तर का संक्रमण रहा हो, उससे शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडीज विकसित हो सकती हैं।