फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलर्ट: देर रात तक मोबाइल चलाते रहने वालों के लिए चेतावनी, ये आदत पहुंचा रही सेहत को बड़ा नुकसान

Thu, 24 Sep 2026 08:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नींद शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शोध में नींद की कमी और श्वसन संक्रमण के जोखिमों के बीच संबंध मिला है। लगातार नींद की कमी प्रतिरक्षा कोशिकाओं और सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है। 
विज्ञापन
1 of 4
मोबाइल का नींद पर असर - फोटो : Amarujala.com/AI
अच्छी सेहत के लिए, अच्छी नींद कितनी जरूरी है ये हम सभी अच्छी तरह से समझ चुके हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन लोगों की रात की नींद पूरी नहीं होती है या फिर जो लोग अक्सर नाइट शिफ्ट वाले जॉब करते हैं, उनमें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक रहता है।

अगर आप भी रोज रात को घंटों तक मोबाइल स्क्रॉल करते रहते हैं, रील्स देखते रहते हैं तो सावधान हो जाइए, छोटी सी लगनी वाली ये आदत जाने-अनजाने आपको बड़ी मुसीबतों की ओर धकेलने वाली हो सकती है। इसका सीधा असर आपकी नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है जो कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।

रात में कुछ घंटे कम सोना अक्सर लोगों को बहुत सामान्य लगता है। लेकिन नींद सिर्फ शरीर को आराम देने का समय नहीं है। इस दौरान शरीर की कई जैविक प्रक्रियाएं सक्रिय रहती हैं, जिनका संबंध इम्यून सिस्टम से भी है। मतलब अगर नींद कम हुई तो आपकी इम्युनिटी भी प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन

2 of 4
इम्युनिटी की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
नींद की कमी का इम्युनिटी पर असर

अध्ययनों में नींद की कमी और कई प्रकार के संक्रमण बढ़ने के बीच सीधा संबंध पाया गया है। खासकर लगातार कम सोने की आदत शरीर की संक्रमण से लड़ने वाली प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इसलिए नींद को सिर्फ थकान दूर करने के बजाय स्वास्थ्य का जरूरी हिस्सा समझना चाहिए।
 
  • एक अध्ययन में 153 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया था। वायरल संक्रमण के संपर्क में आने से पहले जिन लोगों की औसत नींद 7 घंटे से कम थी, उनमें 8 घंटे या उससे ज्यादा सोने वालों की तुलना में संक्रमण होने का खतरा करीब 2.94 गुना अधिक पाया गया।
विज्ञापन

3 of 4
नींद की कमी का असर - फोटो : Freepik.com
नींद कम होने का असर

नींद की कमी केवल थकान और चिड़चिड़ापन नहीं बढ़ाती। शोध में पाया गया है कि नींद की कमी इम्यून सिस्टम की कुछ कोशिकाओं और संकेत देने वाले रसायनों की गतिविधि को भी प्रभावित कर सकती है।
 
  • एक अध्ययन में सिर्फ एक रात की नींद की कमी के बाद कुछ प्रतिरक्षा संकेतकों में बदलाव देखा गया। 
  • लंबे समय तक नींद की गड़बड़ी शरीर में सूजन और संक्रमण के जोखिमों को बढ़ाने वाली पाई गई।
  • शोधकर्ताओं ने बताया कि नींद प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में भूमिका निभाती है ऐसे में लगातार नींद की कमी इस संतुलन को बिगाड़ सकती है। इसलिए रोजाना कम सोना आपको बीमारियों की ओर धकेलने वाला हो सकता है।
विज्ञापन

4 of 4
अच्छी नींद की जरूरत - फोटो : adobe stock
कितनी नींद जरूरी है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अधिकांश वयस्कों को हर रात कम से कम 7-9 घंटे की नींद की जरूरत होती है। 

नींद सुधारने के लिए रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने, सोने से पहले रोशनी कम करने और स्क्रीन का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा शाम के बाद कैफीन वाली चीजों का सेवन न करने से भी लाभ मिल सकता है। अगर पर्याप्त समय बिस्तर पर बिताने के बावजूद लगातार नींद खराब रहती है  या दिन में अत्यधिक नींद आती है, तो डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेना जरूरी है।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें