देश में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिन-प्रतिदिन मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। आलम यह है कि कहीं अस्पतालों में बेड की कमी है तो कहीं रोगियों को समय से ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। ऐसी विकट परिस्थितियों में लोग वैकल्पिक चिकित्सा की ओर आस लगाए बैठे हैं। हालांकि लोगों के मन में सवाल यह भी है कि क्या होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक जैसी वैक्ल्पिक चिकित्सा कोरोना के उपचार में कारगर साबित हो सकती है?
इस लेख में हम जानेंगे कि कोरोना संक्रमण को रोकने में होम्योपैथिक चिकित्सा किस तरह से फायदेमंद हो सकती है?
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गंभीर रोगियों को होम्योपैथिक उपचार से लाभ मिला है
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कोरोना में होम्योपैथिक उपचार
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉक्टर गुनीत सिंह गाबा कहते हैं कि हमेशा मुश्किल समय में होम्योपैथी ने लोगों की मदद की है। कोरोना के मामले में भी यह उपचार पद्धति प्रभावी परिणाम दे रही है। कोविड होने से पहले, कोविड के दौरान और कोविड होने के बाद भी होम्योपैथी आपको बेहतर परिणाम दे सकती है। बहुत सारे गंभीर रोगियों को होम्योपैथिक उपचार से लाभ भी मिला है। हालांकि इस समय सोशल मीडिया में कई सारी होम्योपैथिक दवाओं के बारे में चर्चा हो रही है, उनपर भरोसा न करें। किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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होम्योपैथी में कोरोना के रोगियों के हर स्टेज की दवाएं हैं।
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होम्योपैथिक दवाएं कब दी जा सकती हैं
डॉक्टर गुनीत बताते हैं कि होम्योपैथी में कोरोना के रोगियों के हर स्टेज की दवाएं हैं। जिन लोगों को फेफड़ों में संक्रमण की दिक्कत है उन लोगों को भी ठीक करने के लिए दवाइयां दी जाती हैं, इतना ही नहीं इससे कई लोगों को लाभ भी मिला है। कई ऐसी दवाइयां भी हैं जो रोगी के ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर करने में कारगर साबित हो सकती हैं।
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होम्योपैथी इलाज से कोरोना में तेजी से हो सकता है सुधार
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कोरोना के रोगी कैसे शुरू करें होम्योपैथिक उपचार?
डॉक्टर गुनीत कहते हैं कि कोरोना संक्रमित जो लोग होम्योपैथिक उपचार शुरू कराना चाह रहे हैं उन्हें डॉक्टर से अपने लक्षणों के बारे में स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। उसी आधार पर डॉक्टर इलाज शुरू करते हैं। रोगी की स्थिति अगर माइल्ड है और अगर उन्हें सही दवाइयां दी जाएं तो दो से तीन दिनों में ही उनमें ठीक होने के लक्षण दिखने लगते हैं।
डॉक्टर के सलाह से ही लें होम्योपैथिक दवाएं
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होम्योपैथिक उपचार के दौरान क्या सावधानी रखें
डॉक्टर गुनीत कहते हैं कि कोरोना के लिए दी जा रही दवाइयों के साथ वैसे तो रोगी के लिए खान-पान में कोई विशेष पाबंदियां नहीं हैं। वैसे भी जिन लोगों को संक्रमण है या नहीं भी है, उन्हें इस समय बहुत ठंडी चीजें खाने से परहेज करना चाहिए। अगर रोगी को अच्छी दवाइयां मिल जाएं तो उससे कोरोना में काफी लाभ मिल सकता है। कोरोना के इलाज में होम्योपैथी को बेहतर उपचार विकल्प के रूप में देखा जा सकता है।
----------------- नोट: यह लेख होम्योपैथी में एमडी डॉक्टर गुनीत सिंह गाबा से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।