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विशेषज्ञों ने चेताया: वजन बढ़ना आपका सबसे बड़ा दुश्मन, ये कई जानलेवा बीमारियों का भी बढ़ा देती है खतरा

Thu, 15 Sep 2022 01:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोटापे के कारण होने वाली बीमारियां - फोटो : Pixabay
वैश्विक स्वास्थ्य डेटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में जो स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं, मोटापा उनमें से एक है। डायबिटीज से लेकर हृदय रोग हो या फिर कोविड-19 का संक्रमण इन सभी स्थितियों में मोटापे या अधिक वजन की समस्या को प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अन्य लोगों की तुलना में जिन लोगों को मोटापे की समस्या होती है, उनमें गंभीर बीमारियों के विकसित होने का जोखिम कई गुना अधिक हो सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर्स सभी उम्र के लोगों को अपने वजन को कंट्रोल रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते रहते हैं।

वजन बढ़ना आपके लिए बहुत नुकसानदायक स्थिति हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से बच्चों में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है, वह और भी चिंता बढ़ाने वाली है।

कुछ अध्ययनों में मोटापे के कारण ही आने वाले वर्षों में एक और गंभीर महामारी आने की आशंका भी जताई जा रही है। सभी के लिए आवश्यक है कि वे अपने वजन को कंट्रोल रखें। आइए जानते हैं कि वजन बढ़ने की स्थिति आपमें किन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है? कहीं आपका भी तो वजन बढ़ा हुआ नहीं है?
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वजन बढ़ने के कारण हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Pixabay
हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा

शरीर का वजन बढ़ने के कारण जिन बीमारियों के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है, हृदय रोग उनमें से एक है। अतिरिक्त वजन के कारण आपको उच्च रक्तचाप और हाई कोलेस्ट्रॉल होने की आशंका बढ़ जाती है, ये दोनों स्थितियां आपमें हृदय रोग या स्ट्रोक का कारण बन सकती हैं। अच्छी खबर यह है कि वजन कम करने से इस जोखिमों से आसानी से बचाव किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वजन को नियंत्रित करके हृदय रोगों की गंभीर जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है। हृदय रोग मौजूदा समय की सबसे तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है।
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डायबिटीज की गंभीर समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock
हो सकते हैं डायबिटीज के शिकार 

अध्ययनों में पाया गया है कि टाइप-2 डायबिटीज वाले अधिकांश लोग अधिक वजन वाले या मोटपे के शिकार होते हैं। यदि आपको टाइप-2 डायबिटीज है, तो वजन कम करना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, आपमें रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। शारीरिक सक्रियता और व्यायाम को बढ़ाने से आपकी मधुमेह की दवा के प्रति आवश्यकता कम हो सकती है। वहीं यदि आपका वजन बढ़ा हुआ है तो इस स्थिति में कई तरह की अन्य डायबिटीज से संबंधित जोखिम भी हो सकते हैं।

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अधिक वजन वालों में गठिया की दिक्कत - फोटो : istock
ऑस्टियोआर्थराइटिस का जोखिम

अधिक वजन की समस्या के शिकार लोगों में ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे गठिया रोगों का जोखिम काफी अधिक होता है। वजन अधिक होने से घुटनों पर दबाव काफी बढ़ जाता है जिसके कारण गठिया होने का खतरा अधिक रहता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस की स्थिति घुटने, कूल्हे और पीठ को प्रभावित करती है। वजन घटाने से घुटनों, कूल्हों और पीठ के निचले हिस्से पर तनाव कम होता है और क्रोनिक ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों में सुधार किया जा सकता है।
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नींद विकारों के कारण के बारे में जानिए - फोटो : istock
स्लीप एपनिया की समस्या

अधिक वजन या मोटापे के शिकार लोगों में स्लीप एपनिया होने का खतरा सामान्यतौर पर अधिक होता है। स्लीप एपनिया में व्यक्ति तेज खर्राटे लेने लगता है और नींद के दौरान थोड़ी देर के लिए सांस बंद भी हो सकती है। स्लीप एपनिया के कारण दिन में अधिक नींद आती है। इसके कारण हृदय रोग और स्ट्रोक की आशंका भी अधिक रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वजन घटाने से अक्सर स्लीप एपनिया के लक्षणों में सुधार किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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