लिवर, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में खान-पान और लाइफस्टाइल की समस्याओं के कारण लिवर से संबंधित कई तरह की बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ गया है। लिवर सिरोसिस ऐसी ही एक गंभीर समस्या है। सिरोसिस को लिवर की बीमारियों के सबसे उन्नत चरणों में से एक माना जाता है, अगर समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो इसके कारण लिवर फेलियर की समस्या होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
सामान्यतौर पर बहुत अधिक शराब पीने वाले लोगों या हेपेटाइटिस का शिकार रह चुके लोगों में इस समस्या के मामले अधिक देखे जाते रहे हैं। इसके अलावा नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज वाले लोगों में भी लिवर सिरोसिस होने का खतरा रहता है।
लिवर की बीमारियों के कारण, विशेषकर लिवर सिरोसिस के बारे में जानने के लिए किए गए एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि जीवनशैली के कुछ कारक भी इस खतरे को बढ़ा सकते हैं, इसमें बढ़ते मोटापे को प्रमुख माना गया है। इस आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि हम सभी बढ़ते वजन की समस्या को कंट्रोल कर लेते हैं तो लिवर सिरोसिस को खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि मोटापा किस तरह से लिवर की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देता है?