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Covid-19: आंखों का लगातार फड़कना भी हो सकता है संक्रमण का संकेत, नए वैरिएंट्स के इन लक्षणों के बारे में भी जानिए

Sun, 03 Jul 2022 02:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना में आंखों से संबंधित लक्षण - फोटो : iStock
देश में पिछले एक महीने से कोरोना के बढ़ते मामले लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना के दैनिक मामले 17 हजार के आसपास के दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स बताते हैं कि बढ़ते संक्रमण के मामलों के लिए ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स प्रमुख कारक हैं, इनमें से कुछ वैरिएंट्स अति संक्रामकता दर के साथ वैक्सीनेशन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा भी दे सकते हैं।

पिछले 24 घंटे में देश में 16103 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई, इसके साथ एक्टिव केस भी अब बढ़कर 1.11 लाख के पार हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का इन नए वैरिएंट्स के खतरे को लेकर सभी लोगों को लगातार सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।

नए वैरिएंट्स के साथ कोरोना वायरस शरीर के अलग-अलग अंगों को लक्षित करता हुआ देखा जा रहा है। महामारी की शुरुआत में जहां इसे सिर्फ श्वसन वायरस के तौर पर देखा जा रहा था वहीं अब इसके शरीर के अन्य अंगों जैसे पेट, त्वचा, किडनी-लिवर और आंखों से संबंधित लक्षण भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ संक्रमण के आंखों से संबंधित लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हैं। आइए जानते हैं कि आंखों में किस तरह की समस्याओं के आधार पर संक्रमण की पहचान की जा सकती है?
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आंखों के फड़कने की समस्या पर दें ध्यान - फोटो : Istock
आंखों को प्रभावित कर रहा है वायरस

कोरोना के खतरे को जानने के लिए अध्ययन कर रही विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि शरीर में प्रवेश के साथ वायरस आंखों की तंत्रिकाओं पर हमला बोल देता है जिसके कारण इससे संबंधित कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। रोगियों पर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोनावायरस सेंट्रल कैरेनियल नर्व्स पर अटैक कर रहा है, जिससे आपकी आंखों को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं।

कैरेनियल नर्व्स आपकी आंखों, कान और नाक सहित मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों में संदेश भेजती हैं। इन अंगों में होने वाली समस्या के आधार पर भी शरीर में संक्रमण की पुष्टि की जा सकती है। नए वैरिएंट्स से संक्रमित ज्यादातर लोगों में आंखों के फड़कने की दिक्कत देखी जा रही है।
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कोविड-19 और आंखो की समस्याएं - फोटो : iStock
किस तरह के हो सकते हैं लक्षण

विशेषज्ञों ने बताया कि कैरेनियल नर्व्स में होने वाली समस्याओं के कारण आंखों में दर्द और आसपास की मांसपेशियों से संबंधित कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। कोविड-19 संक्रमण के दौरान आंखों में सूखापन, खुजली, लालिमा, कंजंक्टिवाइटिस, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, आंखों में दर्द और आंखों से पानी आने जैसी समस्या भी हो सकती है। आंकड़ों के अनुसार कोरोनावायरस से संक्रमित 1-3 फीसदी लोगों में कंजंक्टिवाइटिस  क समस्या देखने को मिल रही है। 

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आंखों की समस्या को न करें अनदेखा - फोटो : iStock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपकी आंख का फड़कना लगातार कुछ दिनों तक जारी रहता है और समय के साथ यह बढ़ता जाता है तो इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। इसमें की गई लापरवाही आपकी दृष्टि को भी प्रभावित कर सकती है। समय पर इन लक्षणों पर ध्यान न देने की स्थिति में कई तरह के न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ने के साथ कोरोना संक्रमण के गंभीर रूप लेने का जोखिम भी अधिक हो सकता है। 
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कोरोना से बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : Twitter
नीति आयोग की सलाह

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए नीति ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आयुष-आधारित उपायों पर जोर देने की अपील की है। इसके लिए आयोग ने कंपेंडियम रिलीज करते हुए कहा कि अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए आयुष-आधारित आयुर्वेदिक प्रथाओं को पालन में लाकर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। महामारी की शुरुआत से ही इसपर जोर दिया जाता रहा है, अध्ययन भी कोरोना के खिलाफ इसे असरदार मानते हैं। देशभर में बढ़ते मामलों को प्रतिबंधित करने में यह बेहतर उपाय हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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