Air Pollution Health Impact: वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जब 300 से ऊपर चला जाता है, तो हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में आ जाती है। यह स्तर सभी लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए सीधा जानलेवा हो सकता है। एक्यूआई का इतना अधिक होना यह दर्शाता है कि हवा में हानिकारक सूक्ष्म कण PM2.5 और PM10 की सांद्रता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है।
ये कण इतने महीन होते हैं कि वे मास्क को भेदकर सीधे फेफड़ों में और वहां से रक्तप्रवाह में प्रवेश कर जाते हैं। इन दिनों देश के कई शहरों का एक्यूआई 300 से अधिक चल रहा है। दिल्ली और दिल्ली एनसीआर के कुछ हिस्सों में तो 350 या 400 भी देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक्यूआई के इस स्तर पर सांस लेना, एक दिन में कई सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि ऐसे प्रदूषण वाले माहौल में सांस लेना सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है और इससे किन बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है।