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विशेषज्ञ की सलाह: एसी में ज्यादा देर रहने से बचें, ऐसे लोगों के लिए तो बहुत नुकसानदायक

Fri, 24 May 2024 07:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एयर कंडीशनर के नुकसान - फोटो : Istock
तपती गर्मी से राहत पाने, शरीर के तापमान को नियंत्रित बनाए रखने के लिए एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल किया जाता रहा है। पर क्या आप जानते हैं कि गर्मियों में धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जाने वाले इस उपकरण से सेहत को कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एसी वैसे तो सुरक्षित है, पर पहले से ही कुछ प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार लोगों के लिए ज्यादादेर तक एसी में समय बिताना नुकसानदायक हो सकता है? एसी में ज्यादा समय तक रहने के कारण शरीर में निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है साथ ही ये आंखों, सांस की समस्याओं और मेटाबॉलिक सेहत को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

आइए जानते हैं कि एसी हमारी सेहत के लिए किस-किस तरह से नुकसानदायक हो सकती है?
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एसी के नुकसान - फोटो : Istock
एसी से होने वाली समस्याएं

वेबएमडी में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार एसी वैसे तो सुरक्षित है, पर एसी वाली जगहों पर वेंटिलेशन यानी हवा के आने-जाने की अच्छी व्यवस्था भी जरूर होनी चाहिए। खराब वेंटिलेशन वाली जगहों पर एसी के करण "सिक बिल्डिंग सिंड्रोम" का खतरा हो सकता है। इसमें आपको सिरदर्द, सूखी खांसी, चक्कर आने-मतली, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

वेंटिलेशन की कमी वाली जगहों पर एसी के कारण श्वसन संबंधी संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का भी जोखिम रहता है।
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श्वसन की समस्याएं - फोटो : Freepik
श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा

नोए़डा स्थित अस्पताल में श्वसन रोगों के विशेषज्ञ डॉ अखिलेश कसौधन कहते हैं, जो लोग वातानुकूलित स्थानों पर अधिक समय बिताते हैं उनमें अन्य लोगों की तुलना में श्वसन संबंधी समस्याएं (नाक मार्ग में जलन, सांस लेने में परेशानी) अधिक होती हैं। एसी की हवा वातावरण में शुष्की बढ़ा देती है जिसके कारण वायुमार्ग से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

जिन लोगों को अस्थमा-ब्रोंकाइटिस की समस्या होती है उन्हें एसी में ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए।

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सिरदर्द-माइग्रेन का खतरा - फोटो : istock
सिरदर्द और माइग्रेन का खतरा

इसके अलावा एसी का संपर्क कुछ लोगों में सिरदर्द और माइग्रेन से संबंधित समस्याओं को बढ़ाने वाली भी हो सकती है। जिन लोगों को पहले से ही माइग्रेन का खतरा है उनका एसी में ज्यादा समय बिताना माइग्रेन अटैक का कारण बन सकता है।

एक अध्ययन में पाया गया है कि वेंटिलेशन की कमी या हवा की गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं के कारण करीब 8% लोगों को महीने में 1-3 दिन सिरदर्द और माइग्रेन अटैक की समस्या हो सकती है।
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मेटाबॉलिज्म की समस्या - फोटो : istock
मेटाबॉलिज्म पर असर

क्या आप जानते हैं कि एसी जैसे कम तापमान वाले स्थानों में अधिक समय बिताने का असर मेटाबॉलिज्म स्वास्थ्य पर भी हो सकता है? इसके अलावा आप कम फैट बर्न कर पाते हैं। ठंडे वातावरण में आप सामान्य से कम पानी पीते हैं जिसके कारण भी पाचन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। ये स्थितियां कब्ज-अपच जैसी दिक्कतों का कारण बन सकती हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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