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Covid-19: कितना संक्रामक है कोरोना का नया वैरिएंट? लक्षणों से लेकर रोग की गंभीरता तक जानिए सबकुछ

Fri, 24 May 2024 07:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना का खतरा - फोटो : istock
भारत, अमेरिका, सिंगापुर सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट FLiRT (KP.1 और KP.2) के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG या इंसाकॉग) द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक भारत में नए वैरिएंट से संक्रमितों के मामले 325 के आंकड़े को पार कर गए हैं।

कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर किए गए शुरुआती अध्ययनों में इसे शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर संक्रमण बढ़ाने वाला पाया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों से लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहने की अपील की है।

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने बताया प्रारंभिक शोध में नए वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में कुछ म्यूटेशन देखे गए हैं, जो इसकी संक्रामकता को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। महामारी विशेषज्ञों ने कहा, जिस गति से इस नए वैरिएंट के मामले बढ़ते जा रहे हैं ऐसे में आशंका है कि ये जल्द ही अब तक सबसे ज्यादा फैलने वाले ओमिक्रॉन के वैरिएंट JN.1 को भी पीछे छोड़ सकता है। सिंगापुर इसका हालिया उदाहरण है जहां दो सप्ताह में ही संक्रमण के मामलों में 90 फीसदी तक का उछाल रिपोर्ट किया गया है। 

तो क्या नया वैरिएंट फिलर्ट बहुत संक्रामक है? क्या इसके कारण लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं? आइए जानते हैं।
 
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कोरोना के जोखिम - फोटो : is
FLiRT वैरिएंट की संक्रामकता

येल मेडिसिन में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ स्कॉट रॉबर्ट्स बताते हैं, KP.1 और KP.2 को उनके म्यूटेशन के तकनीकी नामों के आधार पर FLiRT नाम दिया गया है। ये ओमिक्रॉन का ही सब-वैरिएंट है, जो पिछले कुछ वर्षों से दुनियाभर में रिपोर्ट किया जा रहा प्रमुख वैरिएंट है। ओमिक्रॉन वैरिएंट को अत्यधिक संक्रामक माना जाता रहा है और ये प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देने वाला भी देखा गया है। 

जॉन हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिलर्ट के स्पाइक प्रोटीन में देखे गए म्यूटेशन इसकी संक्रामकता को बढ़ाने वाले माने जा रहे हैं, पर इसके कारण गंभीर रोगों का खतरा होने की आशंका कम ही है।
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कोविड-19 और इसके जोखिम - फोटो : PTI
नए वैरिएंट के कारण गंभीर रोगों का खतरा?

सिंगापुर इस नए वैरिएंट से सबसे प्रभावित देशों में से एक है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां हाल में संक्रमित पाए गए अधिकतर लोगों में KP.2 वैरिएंट को ही प्रमुख कारण पाया गया है।

डॉक्टर्स कहते हैं, ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं और वे आसानी से ठीक भी हो रहे हैं। कोमोरबिडिटी के शिकार लोगों में संक्रमण की स्थिति में लक्षणों के गंभीर रूप लेने का जोखिम हो सकता है, हालांकि संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने या फिर आईसीयू जैसी जरूरतें कम देखी जा रही हैं। 
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कोरोना के नए वैरिएंट्स के लक्षण - फोटो : istock
नए वैरिएंट के लक्षणों के बारे में जानिए

ट्रिनिटी हेल्थ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और शोधकर्ता डॉ. टैमी लुंडस्ट्रॉम ने एक रिपोर्ट में बताया कि नए वैरिएंट के लक्षण भी कोविड के पहले के वैरिएंट्स से मिलते-जुलते हैं। ज्यादातर संक्रमितों में बुखार या ठंड लगने, खांसी, सांस की तकलीफ या सांस लेने में कठिनाई, थकान, मांसपेशियों या शरीर में दर्द, सिरदर्द, स्वाद या गंध की कमी जैसी दिक्कतें देखी जा रही हैं। अधिकतर संक्रमित बिना लक्षणों वाले देखे जा रहे हैं।

ज्यादातर लोगों का वैक्सीनेशन  हो चुका है इसलिए कोरोना संक्रमण के कारण गंभीर रोगों के खतरा कम  देखा जा रहा है। 


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स्रोत और संदर्भृ
Potential impact of the new strains


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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