खान-पान में होने वाली गड़बड़ी के कारण पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, विशेषकर बरसात के इस मौसम में स्वच्छता को लेकर बरती गई जरा सी भी लापरवाही आपके लिए दिक्कतें बढ़ा सकती है। इस मौसम में कई प्रकार के वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ये रोगाणु फलों-सब्जियों सहित अन्य खाद्य पदार्थों को दूषित कर सकते हैं जिसके कारण पाचन संबंधी कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पेट में कुछ प्रकार के संक्रमण, फूड पॉइजनिंग, मोशन सिकनेस या ज्यादा खाने से मतली और उल्टी हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार, मतली और उल्टी अक्सर अपच या कफ दोष के बढ़ने का संकेत होती है। इस तरह की समस्याओं से बचाव के लिए सभी लोगों को आहार की शुद्धता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
यदि पाचन संबंधी समस्याओं के कारण आपको भी उल्टी-मतली का अनुभव हो रहा है तो हर बार दवाइयों के सेवन की आवश्यकता नहीं है। आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य नरेंद्र अवस्थी बताते हैं कि इस तरह की समस्याओं में कुछ घरेलू उपायों को प्रयोग में लाकर आराम पाया जा सकता है। आइए इस बारे में जानते हैं।