भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में इन दिनों ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ता जा रहा है। अध्ययनों में इन सब-वैरिएंट की प्रकृति को अति-संक्रामक बताया जा रहा है। डेल्टा वैरिएंट के बाद से सामने आए ज्यादातर वैरिएंट्स को गंभीरता के लिहाज से विशेषज्ञ हल्का मानते रहे हैं, हालांकि ओमिक्रॉन BA.5 फिर से एक बार कोरोना के गंभीर मामलों को बढ़ाता हुआ दिख रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि हालिया अध्ययनों में पाया गया है कि कोरोना का यह वैरिएंट अन्य की तुलना में चार गुना अधिक वैक्सीन रेजिस्टेंस वाला हो सकता है, यानी कि यह आसानी से शरीर में वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में सफल हो रहा है।
भारत में इन दिनों तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मामलों के लिए ओमिक्रॉन के इस सब-वैरिएंट को जोखिम कारक के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के इस गंभीर खतरे को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है, यह किसी को भी संक्रमित कर सकता है। इतना ही नहीं इसे 'अति-संक्रामक' के साथ घातक वैरिएंट के तौर पर भी वर्गीकृत किया गया है, ऐसे में यह गंभीर रोगों का भी कारण बन सकता है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।