भारत में महिलाओं को होने वाली सबसे आम समस्याओं में से एक है खून की कमी यानी एनीमिया। रक्त में हीमोग्लोबीन की मात्रा के कम होने की स्थिति को एनीमिया के रूप में जाना जाता है। सामान्य रूप से महिलाओं के रक्त में 12 से 16 ग्राम प्रति डीएल जबकि पुरुषों में 14 से 18 ग्राम प्रति डीएल हीमोग्लोबीन की मात्रा को सामान्य माना जाता है, इससे कम मात्रा एनीमिया का संकेत हो सकती है। सामान्य रूप से एनीमिया के कारण रोगियों को भूख न लगने, कमजोरी होने और दिल की धड़कनों के कम हो जाने की समस्याएं होती हैं। पीलिया, बवासीर, दुर्घटना के दौरान ज्यादा खून बह जाने और महिलाऔं को प्रसव के दौरान एनीमिया की समस्या होना सामान्य है। आयुर्वेद में इस रोग के उपचार की ऐसी विधियां बताईं गई हैं जिनको प्रयोग में लाकर की समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है। आइए ऐसे कुछ उपायों के बारे में जानते हैं-