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जानना जरूरी: बदलते मौसम में बढ़ा बीमारियों का खतरा, इन घरेलू उपायों को अपनाकर पा सकते हैं आराम

Sat, 14 Oct 2023 11:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्दी जुकाम से कैसे पाएं आराम? - फोटो : Istock
देशभर में इस समय तेजी से मौसम में बदलाव हो रहा है। कुछ जगहों पर तेज धूप तो कहीं ठंडी हवाएं चल रही हैं। सुबह सुबह ठंडी हवाओं और हल्की धूप के कारण लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास हुआ। मौसम में बदलाव के कारण लोगों में सर्दी-जुकाम बुखार और गले की समस्याओं का जोखिम काफी सामान्य हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों और बुजुर्गों में इस तरह की समस्याओं का जोखिम सबसे अधिक देखा जाता है, ऐसे लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानियों की जरूरत होती है। वहीं यदि आपको सर्दी-गले में खराश की दिक्कत हो भी जाती है तो हर बार इसके लिए दवाओं की आवश्यकता नहीं है, इसमें कुछ आसान से घरेलू उपाय करके भी लाभ पाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं मौसम में होने वाले बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और गले में संक्रमण का जोखिम किसी को भी हो सकता है, हालांकि जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें इसका जोखिम अधिक हो सकता है। वर्षों से दादी-नानी के घरेलू नुस्खों की मदद से इस तरह की समस्याओं में आसानी से राहत पाया जाता रहा है।

आइए ऐसे ही कुछ आसान से उपायों के बारे में जानते हैं जिनको प्रयोग में लाकर आप बिना दवाइयों के भी इस तरह की दिक्कतों से आराम पा सकते हैं।
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बंद नाक में भाप लेने से मिलता है आराम - फोटो : iStock
भाप से बंद नाक में मिलता है आराम

बदलते मौसम के साथ होने वाले संक्रमण के कारण नाक बंद होने की समस्या सबसे सामान्य है। इसके लिए आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार गले की परेशानी या बंद नाक में पुदीना के पत्तों या अजवाईन के साथ भाप लेने से लाभ मिलता है। यह कफ को कम करने के साथ नाक को खोलने और सांस लेने को आसान बनाती है। गले में होने वाले खराश और दर्द की समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी इस घरेलू उपाय के प्रभाव देखे गए हैं।
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शहद से गले को मिलता है आराम - फोटो : Pixabay
लौंग और शहद का सेवन

सूखी खांसी-गले में दर्द और खराश जैसी दिक्कतों को कम करने के लिए लौंग के चूर्ण और शहद को मिलाकर इसका सेवन करने से लाभ पाया जा सकता है। खांसी या गले में जलन होने पर दिन में 2-3 बार इसका सेवन किया जा सकता है। लौंग गले के संक्रमण को कम करने और शहद गले के खराश को कम करने में आपके लिए सहायक है। सर्दी-जुकाम की समस्याओं में इस उपाय से आराम पाया जा सकता है।

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गरारे करने से दूर होती है गले की दिक्कत - फोटो : istock
नमक पानी के गरारे करें

गले में दर्द और खराश को कम करने और सर्दी के लक्षणों में नमक पानी के गरारे करने से लाभ मिलता है। एक गिलास पानी में 1 टेबल स्पून नमक डालकर 5 मिनट तक उबालें। जब तापमान सामान्य हो जाए तो इसे गरारे करने के लिए इस्तेमाल करें। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक गले में खराश की स्थिति में राहत के लिए दिन में 3-4 बार गरारे करने की सलाह दी जाती है। गरारे के साथ गुनगुने पानी का सेवन करना भी लाभकारी तरीका हो सकता है।
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तुलसी के काढ़े के लाभ - फोटो : iStock
तुलसी का काढ़ा पिएं

तुलसी सबसे अच्छी एंटीवायरल जड़ी-बूटियों में से एक है जिसे खांसी, सर्दी और गले में खराश में बहुत प्रभावी माना जाता है। 4-5 तुलसी के पत्तों को थोड़े से पानी में उबालकर इसे पीने से लाभ मिलता है। आप चाहें तो इसमें शहद, अदरक मिला सकते हैं। तुलसी के काढ़े में काली मिर्च, अदरक, लौंग, दालचीनी मिलाकर इसका सेवन करने से भी इस तरह की समस्याओं में आसानी से लाभ पाया जा सकता है। यह काढ़ा प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में भी आपके लिए मददगार है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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