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Health Tips: ये फ्री वाला उपाय डायबिटीज हो या कोलेस्ट्रॉल सभी में लाभकारी, आप भी कर दीजिए शुरू

Thu, 21 Aug 2025 06:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • तुलसी की पत्तियों और इसके अर्क के प्रभावों को लेकर किए गए तमाम अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि शुगर हो या ब्लड प्रेशर, हृदय रोग हो या मानसिक स्वास्थ्य ये सभी में लाभकारी है।
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अच्छी सेहत के लिए जान लीजिए कारगर उपाय - फोटो : Freepik
हमारे घरों के आस-पास कई ऐसी प्रभावी और कारगर औषधियां उपलब्ध होती हैं, जिनको अध्ययनों में सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी बताया गया है। तुलसी उनमें से ही एक है जिसे आयुर्वेद के साथ मेडिकल साइंस ने भी फायदेमंद पाया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को मजबूत बनाते हैं, बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ाते हैं और दिमाग को शांत रखते हैं। तुलसी शरीर के लिए प्राकृतिक दवा की तरह काम करती है।

तुलसी की पत्तियों और इसके अर्क के प्रभावों को लेकर किए गए तमाम अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि शुगर हो या ब्लड प्रेशर, हृदय रोग हो या मानसिक स्वास्थ्य की समस्या ये सभी में लाभकारी है। इससे लाभ प्राप्त करने के सबसे अच्छा तरीका है कि आप हर रोज तुलसी की चाय पीना शुरू कर दें। ये आसान सा उपाय आपको कई बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाला हो सकता है।  
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तुलसी की चाय कई समस्याओं में फायदेमंद - फोटो : Adobe stock
शुगर-हार्ट की बीमारियों से हो सकता है बचाव

डायबिटीज मौजूदा समय की एक बड़ी समस्या है। शोधकर्ताओं ने पाया कि तुलसी शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती है। तुलसी का नियमित सेवन ब्लड शुगर को कम करता है और इंसुलिन को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। लेकिन अगर आप शुगर की दवा लेते हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा तुलसी का सेवन न करें।

इसी तरह दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए भी तुलसी अच्छी मानी जाती है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को कम करती है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायता करती है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा घट सकता है। हालांकि, यह दवा का विकल्प नहीं है, बल्कि एक सहायक उपाय है।
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तुलसी में होते हैं कई प्रभावी गुण - फोटो : Adobe stock
क्या कहते हैं आहार विशेषज्ञ?

आहार विशेषज्ञ प्रीती जैन कहती हैं, तुलसी की चाय में मौजूद गुण पेट की समस्या, तनाव और सांस संबंधी समस्याओं में लाभ पहुंचाने में मदद करते हैं। इसे आहार में शामिल करने से कई समस्याओं से राहत मिल सकती है। तुलसी में एंटीवायरस, एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें विटामिन ए. सी फॉस्फोरस, कैल्शियम भी होते हैं, जिनकी हमारी सेहत को नियमित रूप से आवश्यकता होती है। 

चूंकि तुलसी हमारे घरों के आसपास आसानी से उपलब्ध होती है ऐसे में फ्री वाले इस उपाय से आप कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं। 

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हृदय रोग- हार्ट अटैक से कैसे बचें? - फोटो : adobe stock photos
तुलसी के इन फायदों को भी जानिए

एक शोध के अनुसार, तुलसी में पोटैशियम पाया जाता है, जो रक्तचाप को कम करने में उपयोगी है।
  • तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स की समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं साथ ही त्वचा के संक्रमण से भी बचाव करते हैं। 
  • इस चाय में मौजूद एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण सूजन को दूर करने में उपयोगी है। इसके एंटी आर्थराइटिस गुण गठिया में राहत पहुंचा सकते हैं।
  • तुलसी का अर्क या इसकी चाय के सेवन से सांस संबंधित समस्याएं दूर होती है। इससे कफ को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है। 
आहार विशेषज्ञ कहती हैं वैसे तो तुलसी बहुत फायदेमंद है पर इसकी चाय का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए, वरना नुकसान भी हो सकता है। यदि कोई स्पेशल डाइट फॉलो कर रहे हैं तो इसे डाइट में शामिल करने से पहले आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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स्ट्रेस कम करने के जान लीजिए तरीके - फोटो : Freepik.com
स्ट्रेस-एंग्जाइटी भी कम करती है तुलसी

स्ट्रेस की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी अच्छी खबर है। वैज्ञानिकों की टीम ने एक अध्ययन में पाया कि तुलसी का सेवन कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को 36% तक कम कर सकता है, ऐसे में तनाव से बचे रहने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रतिभागियों पर 8 सप्ताह तक किए गए परीक्षण में विशेषज्ञों ने पाया कि ये उपाय स्ट्रेस-एंग्जाइटी से बचाए रखने और इसके मरीजों की सेहत में सुधार के लिए बहुत असरदार हो सकता है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


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स्रोत
Tulsi - Ocimum sanctum: A herb for all reasons


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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