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Holiday Heart Syndrome: न्यू ईयर सेलिब्रेशन कहीं बन न जाए हार्ट अटैक का कारण, जानिए इस समस्या के बारे में

Mon, 26 Dec 2022 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नए साल के सेलिब्रेशन के दौरान सेहत का जोखिम - फोटो : Pixabay
इसी हफ्ते क्रिसमस बीता है और अब नए साल का जश्न, छुट्टियों-त्योहारों के इस मौसम का सभी को ब्रेसब्री से इंतजार रहता है। पर सावधान, कहीं इस जश्न के दौरान की गई जरा भी भूल आपके लिए बड़ी मुसीबत का कारण न बन जाए? स्वास्थ्य विशेषज्ञ छुट्टियों-त्योहारों के इस सीजन में हार्ट अटैक के खतरे को लेकर लोगों को सावधान करते हैं।

हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम नाम की इस समस्या के कारण हर साल कई लोगों को जान गंवानी पड़ जाती है। हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम हृदय की उन समस्याओं को संदर्भित करता है, जो उत्सवों के दौरान खान-पान को लेकर बरती गई लापरवाही के कारण होती है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर लंबी छुट्टी-पार्टियों के दौरान खान-पान को लेकर लोग लापरवाही बरतने लगते हैं, जिसमें नमकीन खाद्य पदार्थों और शराब का अधिक सेवन शामिल है। इस तरह की चीजें हृदय गति को आसामान्य रूप से बढ़ा सकती है, जिसकी अनियंत्रित स्थिति में हार्ट अटैक होने का खतरा रहता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि क्रिसमस और न्यू इयर के उत्सवों के दौरान इन्हीं लापरवाहियों के कारण वैश्विक स्तर पर हार्ट अटैक का खतरा 15 फीसदी बढ़ जाता है। आइए हॉलिडे  हार्ट सिंड्रोम की इस समस्या को समझते हैं।
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हार्ट अटैक का बढ़ सकता है खतरा - फोटो : istock
हॉलिडे  हार्ट सिंड्रोम क्या है?

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम, छुट्टियों के दौरान होने वाली हृदय की गंभीर समस्याओं की स्थिति है। वैसे तो हार्ट अटैक की दिक्कत साल में कभी भी हो सकती है, पर आमतौर पर छुट्टियों के सीजन के दौरान देखा जाता है लोगों में मादक पेय और उच्च कैलोरी वाले आहार का सेवन काफी बढ़ जाता है। इस तरह की चीजें हृदय गति बढ़ने, आर्टरी की समस्याओं का कारण बन सकते हैं, जिनपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण दिल का दौरा और मृत्यु तक हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, त्योहारों-उत्सवों के दौरान सभी लोगों को खान-पान को लेकर विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।
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शराब के अधिक सेवन से बिगड़ सकती है सेहत - फोटो : istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर लोगों के लिए, छुट्टियों का मतलब खान-पान और शराब के अधिक सेवन से होता है। आहार में नमक-चीनी की अधिकता या बहुत अधिक शराब पीने की स्थिति अनियमित रूप से दिल के धड़कन बढ़ने की समस्या का कारण हो सकती है, जिसे एट्रियल फाइब्रिलेशन (या एएफआईबी) के रूप में भी जाना जाता है।

कम समय में अधिक शराब पीने वाले लोगों में इस तरह का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। चूंकि ज्यादातर देशों में क्रिसमस से लेकर नए साल तक की लंबी छुट्टी होती है, ऐसे में खान-पान को लेकर ध्यान न देने के कारण इन दिनों में हॉलिडे  हार्ट सिंड्रोम के मामले अधिक देखे जाते रहे हैं।

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हृदय की सेहत को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Pixabay
एट्रियल फाइब्रिलेशन के लक्षणों की समय रहते पहचान जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एट्रियल फाइब्रिलेशन जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती है, ऐसे में समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर इलाज बहुत जरूरी हो जाता है। दिल की धड़कन का तेज होना, छाती में दर्द, चक्कर आना, अत्यधिक थकान और सांस लेने में हो रही समस्याओं पर ध्यान देकर समय पर इलाज प्राप्त किया जाना चाहिए। समय रहते इलाज मिल जाने से हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है।
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हृदय की सेहत को लेकर रहें अलर्ट - फोटो : iStock
हॉलिडे  हार्ट सिंड्रोम के जोखिमों से बचाव

हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम से बचना काफी आसान है बस इसके लिए कुछ बातों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है। छुट्टियों-त्योहारों के मौसम में खान-पान को लेकर किसी तरह की लापरवाही न बरतें। नमक वाली चीजों का सेवन संयमित मात्रा में ही करें क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम के सबसे ज्यादा मामले अधिक शराब के सेवन के कारण सामने आते हैं इससे बचाव किया जाना सबसे जरूरी होता है। स्वस्थ उपायों का पालन करके छुट्टियों का भरपूर आनंद लिया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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