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Holi & Eye Care: होली खेलते समय लापरवाही आंखों के लिए बढ़ा सकती है दिक्कत, आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें?

Fri, 14 Mar 2025 11:20 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, होली खेलते समय आंखों की सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। सिंथेटिक या केमिकल युक्त रंग आंखों में जलन, लालिमा और गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि होली का आनंद लेते समय आंखों का ख्याल कैसे रखा जा सकता है?
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होली में आंखों का रखें खास ध्यान - फोटो : Adobe Stock
होली रंगों और उत्साह का त्योहार है। लजीज पकवान, लोगों से मिलना-जुलना, एक दूसरे को रंग लगाना और प्रेम व्यक्त करना इस पर्व को काफी खास बना देता है। गुझिया-ठंडाई और मस्त पकवान इस त्योहार में चार-चांद लगा देते हैं। हालांकि होली के आनंद और उत्साह के बीच सेहत को लेकर सावधानी बरतते रहना भी बहुत जरूरी है।

होली के दिनों में गड़बड़ खान-पान के कारण ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है, वहीं सिंथेटिक रंग और गुलाल के कारण अस्थमा और सांस की समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं। ऐसे मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, होली खेलते समय आंखों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी हो जाता है। सिंथेटिक या केमिकल युक्त रंग आंखों में जलन, लालिमा और गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। अगर होली खेलते समय सावधानी न बरती जाए तो इससे कॉर्नियल इंफेक्शन या यहां तक कि आंखों को स्थायी रूप से क्षति भी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि होली का आनंद लेते समय आंखों का ख्याल कैसे रखा जा सकता है? आपको किन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए?
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आंखों का रखें खास ख्याल - फोटो : Adobe stock
होली के दौरान आंखों का रखें खास ख्याल

बाजार में मिलने वाले गुलाल में कई बार बारीक पिसा कांच और हानिकारक रसायन हो सकते हैं जिससे त्वचा और आंखों को गंभीर क्षति का जोखिम हो सकता है। अगर आपको सूखे रंग या गुलाल में चमक दिखती है तो यह कांच के पाउडर हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि रंग खेलते समय आंखों जैसे शरीर के नाजुक अंगों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाए। 

ये भी पढ़ें- होली के रंग-गुलाल कहीं बढ़ा न दें सांस की दिक्कत, अस्थमा रोगी इन बातों का जरूर रखें ध्यान
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आंखों की समस्याओं से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं नेत्र रोग विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ समीर शेख कहते हैं, होली के दौरान और बाद में ओपीडी में आंखों की समस्या के शिकार लोगों के मामले काफी बढ़ जाते हैं। इसलिए सभी लोगों को पहले से ही कुछ बातों पर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए।

होली खेलते समय आंखों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स या सनग्लास पहनें। इससे आंखों को रंग और गंदे पानी से बचाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा सबसे जरूरी है कि आप सिर्फ ऑर्गेनिक और हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें, कैमिकल युक्त रंगों से आंखों में जलन और एलर्जी हो सकती है।

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आंखों में जलन और लालिमा की दिक्कत - फोटो : freepik.com
होली के बाद आंखों में जलन हो तो क्या करें?

अगर होली के बाद आपको जलन या लालिमा महसूस होती है, तो आंखों को आराम देने के लिए ये आसान घरेलू उपचार आजमा सकते हैं।
  • सूजन को कम करने और जलन से राहत पाने के लिए एक साफ कपड़े का उपयोग करके ठंडी सिकाई करें।
  • अपनी आंखों को साफ करने और उन्हें तरोताजा करने के लिए ठंडे गुलाब जल का उपयोग करें।
  • आंखों के आस-पास ताजा एलोवेरा लगाएं।
  • तुरंत ठंडक और राहत के लिए अपनी बंद पलकों पर ठंडे खीरे के टुकड़े रखें।
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आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें? - फोटो : Adobe Stock
आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं, होली खेलते समय कई बार रंग या गुलाल आंखों में जा सकता है, इससे जलन, लालिमा और कई अन्य तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। अगर गलती से आंखों में रंग चला जाए तो तुरंत साफ और ठंडे पानी से धो लें। रंग लगे हाथों से आंखों को रगड़ने से बचें इससे इन्फेक्शन हो सकता है। अगर आंखों में जलन हो रही हो तो साफ पानी से आंखों को धोने के बाद गुलाब जल डालें, ये आंखों को ठंडक देता है और जलन कम करता है।

अगर इन उपायों की मदद से भी आराम न मिले तो तुरंत किसी डॉक्टर की सलाह लें। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी आई ड्रॉप के इस्तेमाल से बचें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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