होली के रंगों में हो सकते हैं कई रसायन
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कृत्रिम रंगों में होते हैं हानिकारक रसायन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पहले के समय में फूलों और वनस्पतियों से तैयार रंगों से होली खेली जाती थी, हालांकि समय के साथ बाजार में मिलने वाले हानिकारक रंगों ने इसे रिप्लेस कर दिया। जांच में पाया गया है कि इन कृत्रिम रंगों में लेड ऑक्साइड, क्रोमियम आयोडाइड, कॉपर सल्फेट, मरकरी सल्फाइट जैसे हानिकारक तत्वों का मिश्रण हो सकता है। ये त्वचा के संपर्क में आकर कई प्रकार की एलर्जी और दुष्प्रभावों का कारण बन सकते हैं।
हानिकारक रसायन युक्त इन रंगों से खुजली, लालिमा और त्वचा में जलन बढ़ने के साथ दीर्घकालिक रूप से भी कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं।