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Holi 2025: होली में चढ़ गया है भांग का नशा तो ऐसे उतारें हैंगओवर, ज्यादा भांग पीने के हो सकते हैं ये नुकसान

Fri, 14 Mar 2025 07:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भांग का अधिक मात्रा में सेवन शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को प्रभावित करने वाला हो सकता है। होली में अगर किसी को भांग का हैंगओवर हो जाए तो इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है?
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हैंगओवर हो तो क्या करें? - फोटो : Freepik.com
होली रंग, उत्साह और आपसी मेल-जोल का त्योहार है। मिठाइयां, लजीज पकवान, ठंडाई और गुझिया आदि इसे और भी खास बना देते हैं। होली के दिन ठंडाई पीने की भी पुरानी परंपरा रही है, हालांकि देश के कुछ हिस्सों में लोग ठंडाई में भांग मिलाकर इसका सेवन करते हैं। इसके अलावा कई लोग होली में अल्कोहल का भी सेवन कर लेते हैं जिससे अल्कोहल पॉइजनिंग और कई अन्य प्रकार की समस्याओं के बढ़ने का खतरा रहता है।

आमतौर पर देश के कुछ हिस्सों में भांग का उपयोग भांग की लस्सी और ठंडाई में किया जाता है। कुछ प्रकार की दवाओं और घरेलू उपचार के तौर पर भांग के उपयोग किया जाता रहा है।

पर क्या आप जानते हैं कि होली के दौरान ज्यादा भांग पीने से आपकी सेहत को कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं?
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भांग का नशा - फोटो : Adobe Stock
भांग और शराब का हैंगओवर हो सकता है खतरनाक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ, होली में भांग या शराब जैसे किसी भी मादक पदार्थ का सेवन न करने की सलाह देते हैं। पर अगर आपके क्षेत्र में भांग की परंपरा है तो इसका बहुत ही थोड़ी मात्रा में, सावधानी के साथ सेवन किया जा सकता है। ध्यान रहें भांग या शराब का हैंगओवर आपको भ्रमित कर सकता है। इसके साथ कुछ लोगों को चक्कर आने, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी तक की समस्या हो सकती है। वहीं अल्कोहल पॉइजनिंग की स्थिति में कोमा जैसी गंभीर समस्या का भी खतरा हो सकता है। 
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हैंगओवर के कारण थकान-कमजोरी की समस्या - फोटो : Freepik.com
भांग के नशे के क्या नुकसान हैं?

भांग का अधिक मात्रा में सेवन शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को प्रभावित करने वाला हो सकता है। भांग का अधिक सेवन करने से व्यक्ति को घबराहट, असमंजस और पैनिक अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये ब्लड प्रेशर को बढ़ा या घटा भी सकता है, जिससे चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि भांग का नशा पाचन क्रिया को धीमा कर सकता है, जिसके कारण कई लोगों को उल्टी, डिहाइड्रेशन और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसका नशा, मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाला हो सकता है जिससे याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने में भी दिक्कत होने लगती है।

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नारियल पानी के फायदे - फोटो : freepik.com
भांग का नशा हो जाए तो क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि किसी को भांग का हैंगओवर हो जाए तो इससे छुटकारा पाने और दुष्प्रभावों से बचने के लिए सबसे पहले शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए खूब सारा पानी पीना चाहिए। विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में भी इससे मदद मिल सकती है। नारियल पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों का सेवन पोषक तत्वों की भरपाई करने में मदद कर सकते हैं। हैंगओवर उतारने के लिए नहाने से भी लाभ मिल सकता है।
  • नींबू, संतरा या मौसंबी में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर से नशे को जल्दी निकालने में मदद करते हैं।
  • दही और छाछ पाचन को सुधारते हैं और शरीर को ठंडक देकर नशे का असर कम करते हैं।
  • काली मिर्च में मौजूद टेरपीन नामक कंपाउंड नशे को कम करने में मदद करता है। 
  • अगर नशा ज्यादा है तो लेटकर आराम करें। सोने से मस्तिष्क को रिकवरी में मदद मिलती है।
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डॉक्टर की लें सलाह - फोटो : Freepik
इन बातों का रखें विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हैंगओवर की समस्या सामान्य है पर कुछ स्थितियों में इसके गंभीर जोखिम भी हो सकते हैं। इसके लक्षणों की समय रहते पहचान कर उसका उपचार प्राप्त करना जरूरी हो जाता है। हैंगओवर में सबसे बड़ी समस्या शरीर के डिहाइड्रेशन की होती है इसलिए जरूरी है कि खूब पानी पीते रहें। सामान्य उपायों से अगर लाभ नहीं मिलता है, हृदय गति या ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या बनी हुई है तो समय रहते डॉक्टरी सलाह जरूर लें। 

अगर किसी को भांग के नशा के कारण घबराहट, उल्टी, तेज धड़कन या बेहोशी महसूस हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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