फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक मुस्लिम संत कैसे यमन से भारत लाया कॉफी के 7 बीज? जानिए रोचक इतिहास

Wed, 27 Nov 2019 03:16 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
कॉफी
कॉफी विश्व में सबसे ज्यादा पी जाने वाली पेय पदार्थों में से एक है। पंद्रहवी शताब्दी में अरब निवासियों ने सबसे पहले कॉफी उगाई। इसके बाद धीरे-धीरे इसका विस्तार विश्व के सभी देशों में हुआ। 1843 में एक फ्रेंच ने विश्व की सबसे पहली व्यवसायिक एस्प्रेसो मशीन बनाई। भारत में कॉफी लाने का श्रेय मुस्लिम संत बाबा बुदान को जाता है। बुदान हज से लौटते वक्त जब यमन के रास्ते आए तो उन्होंने लोगों को रास्ते में इस अजीब से पेय पदार्थ को पीते हुए देखा। बुदान ने जब इसका स्वाद चखा तो उन्हें यह पेय पदार्थ बहुत अच्छा लगा और उन्होंने इसे भारत लाने की सोची।
विज्ञापन

2 of 8
कॉफी
उस वक्त तक कॉफी सिर्फ अरब और यमन के लोग ही पीते थे। कॉफी के बीजों को अरब से बाहर ले जाने पर कानूनी प्रतिबंध था। अरब के लोग कॉफी के बीजों को पीसकर पानी में मिलाकर पीते थे। कहा जाता है कि बाबा बुदान कॉफी के सात बीजों को अपनी कमर में बांधकर ले आए। इसके बाद उन्होंने इसके पौधे को यहां उगाया और भारत के लोगों ने कॉफी का स्वाद चखा। बुदान कर्नाटक के चिक्कामगलुरु जिले के रहने वाले थे।

 
विज्ञापन

3 of 8
कॉफी
भारत के कनार्टक राज्य में सबसे ज्यादा कॉफी का उत्पादन होता है। सबसे पहले कॉफी हाउस मक्का में खुले और उन्हें 'कावेह कानेस' कहा जाता था। इसके बाद विश्व के दूसरे देशों में कॉफी हाउस खुलने का प्रचलन शुरू हुआ। लंदन में सबसे पहले ऑस्ट्रेलियाई और न्यूजीलैंडियाई लोगों ने ऐस्प्रेसो केंद्रित कॉफी शॉप खोली। यहां पहला कॉफी हाउस 1652 में खुला । अगली स्लाइड में पढ़िए कॉफी का इतिहास

4 of 8
tea or coffee
कॉफी का इतिहास काफी लंबा है। कहा जाता है कि यह इथोपिया के बाद अरेबिया जुड़ा। सबसे पहले कॉफी का सेवन 875 ई. पूर्व शुरू हुआ। अरबियन लोगों ने कॉफी को ट्रेंड में शामिल किया। यहां कॉफी केवल घरों में ही नही पी जाती थी बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर पीने का भी चलन था। यूरोप से 1570 ई. में  रोम कॉफी का आयात हुआ।
विज्ञापन

5 of 8
कॉफी - फोटो : Pixabay
भारत विश्व के 10 प्रमुख कॉफी उत्पादक देशों में शामिल है। साल 2014-2015 में भारत में 3.27 लाख मेट्रिक टन कॉफी का उत्पादन हुआ था। भारत में अरबिका और रोबस्ता दो दतरह की कॉफी होती हैं। भारत के कुल कॉफी उत्पादन में से 71 फीसदी कर्नाटक में होता है। भारत से तुर्की, जर्मनी, बेल्जियम, रूस और ऑस्ट्रेलिया में कॉफी का निर्यात किया जाता है। भारत में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र पद्रेश और ओडिशा में सबसे ज्यादा कॉफी का उत्पादन होता है। त्रिपुरा, नागालैंड और असम में भी कॉफी का उत्पादन होता है। अगली स्लाइड में पढ़िए कॉफी के स्वास्थ्य लाभ...
विज्ञापन

6 of 8
tea coffee
कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और कैफीन सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। कॉफी पीने से हार्ट संबंधित बीमारियां भी कम होती हैं। हाल ही में हुए एक शोध में कोरियाई शोधकर्ताओं का कहना था कि जो लोग दिन में तीन से पांच कप कॉफी पीते हैं उनको हृदय संबंधित बीमारियों का खतरा कम रहता है।
विज्ञापन

7 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com
जर्नल ऑफ पेन ने अपने अध्ययन में कहा था कि कॉफी पीने से मांसपेशियों का दर्द कम होता है। इसमें बताया गया था कि दो कप कॉफी पीने से जिम करने के बाद मांसपेशियों में होने वाला दर्द 48 फीसदी तक कम होता है।  
विज्ञापन

8 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर और फूड केमिस्ट्री के मुताबिक एक कप कॉफी में 1.8 ग्राम फाइबर होता है। इसी वजह से कॉफी पीने से शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है। कॉफी पीने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी कम रहता है। यूरोपीयन जर्नल ऑफ न्यूट्रोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉफी में मौजूद कैफीन से अल्जाइमर की रोकथाम होती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें