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बीमारी: खतरनाक हो सकती है बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या, इन लक्षणों और कारणों को न करें नजरअंदाज

Mon, 05 Apr 2021 09:19 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ वयस्क ही हाई (उच्च) कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित हो सकते हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। बच्चों में भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक हो सकता है, जिससे उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, खासकर हृदय रोग की समस्या। ऐसे में जिन बच्चों में उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है, उन्हें हमेशा चिकित्सकीय देखभाल और जीवनशैली को सही रखने की जरूरत होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या में तब तक कोई खास तरह का लक्षण नजर नहीं आता, जब तक कि कोलेस्ट्रॉल एडवांस स्टेज (अग्रिम चरण) में न पहुंच जाए। आइए जानते हैं बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षणों और कारणों के बारे में... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बच्चों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज्यादातर तीन जोखिम कारकों से जुड़ा होता है। इसमें पहला है मोटापा। स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं प्रदान करने वाली वेबसाइट वेबएमडी के मुताबिक, अगर आपका बच्चा मोटापे का शिकार हो, तो आपको डॉ़क्टर से अपने बच्चे का कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करवाने को लेकर जरूर सलाह लेनी चाहिए। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर बच्चे के माता-पिता में से कोई एक या फिर दोनों को ही हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो ऐसी स्थिति में बच्चे को भी यह समस्या हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप इस संबंध में किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराने वाली अमेरिकी वेबसाइट मेडलाइन प्लस के मुताबिक, कुछ बीमारियां, जैसे कि मधुमेह, किडनी की बीमारी और थायरॉइड की समस्या, बच्चों और किशोरों में उच्च कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने बच्चे के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और डॉक्टर से उचित सलाह लें। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बच्चों में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका स्वस्थ आहार लेना और नियमित रूप से व्यायाम करना है। वेबएमडी के मुताबिक, बच्चे को ऐसा आहार खिलाएं, जिसमें फैट और रिफाइंड कार्ब्स की मात्रा कम हो। इसके अलावा बच्चे को नियमित रूप से व्यायाम कराएं, जिसमें रनिंग, वॉकिंग आदि शामिल हैं। इससे काफी मदद मिल सकती है। 

नोट: यह सलाह केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए दी गई है। आप स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या होने पर अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। 
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