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Obesity Risk: डायबिटीज, हृदय रोगों के साथ ब्रेन को भी खतरा, आप भी हैं मोटापे का शिकार तो हो जाइए सावधान

Sat, 24 Jan 2026 05:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Obesity Health Issues: दुनिया के जाने-माने एक्सपर्ट्स ने कहा है कि ज्यादा वजन होने से डिमेंशिया का खतरा काफी बढ़ जाता है। मोटापा की स्थिति आपके दिमागी क्षमता को कम करने वाली हो सकती है जिसको लेकर सभी लोगों को पहले से ही सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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मोटापा और दिमागी बीमारियों का संबंध - फोटो : Adobe Stock Photo/ Amarujala.com
दुनियाभर में तेजी से बढ़ती क्रॉनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग-डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म की समस्या के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसके अलावा सभी लोगों को अपने वजन को कंट्रोल में रखना भी बहुत जरूरी है। बढ़ते वजन या हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की स्थिति को कई जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण पाया गया है।

अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनमें टाइप-2 डायबिटीज, हृदय से संबंधित बीमारियां, आर्थराइटिस का खतरा तो रहता ही है, साथ ही मोटापे को दिमागी सेहत के लिए भी खतरनाक पाया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा आज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। पहले जहां इसे केवल वयस्कों की समस्या माना जाता था, वहीं अब बच्चे और किशोर भी तेजी से मोटापे का शिकार होते जा रहे हैं। अधिक वजन की स्थिति शरीर के कई अंगों और प्रणालियों को प्रभावित करता है। अगर वजन को समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो इससे आपके सोचने-समझने, निर्णय लेने और याददाश्त से संबंधित दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।

एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है उनमें भविष्य में अल्जाइमर रोग-डिमेंशिया का खतरा भी ज्यादा देखा गया है।
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मोटापा बढ़ा सकती है दिमागी सेहत का खतरा - फोटो : Freepik.com
मोटापा के शिकार लोगों में डिमेंशिया का खतरा

इंग्लैंड की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में हुए एक अध्ययन के आधार पर दुनिया के जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है कि वजन अधिक होने या मोटापे के कारण व्यक्ति में डिमेंशिया का खतरा काफी बढ़ सकता है। अगर समय रहते वजन कम कर लिया जाए और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर लेते हैं तो दुनियाभर में  डिमेंशिया के लाखों मामलों को रोका जा सकता है।

द जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बीएमआई और वैस्कुलर डिमेंशिया के बीच सीधा संबंध पाया है। 
  • वैस्कुलर डिमेंशिया दिमाग में खून के प्रवाह में कमी के कारण होती है, जिससे दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और कोशिकाएं डेड होने लग जाती हैं।
  • ऐसा दिमाग में छोटी खून की नसों के सिकुड़ने या उनके ब्लॉक होने की वजह से होता है, जिसे अक्सर लाइफस्टाइल कारकों या स्ट्रोक से जोड़कर माना जाता है।
  • मोटापा के शिकार लोगों में स्ट्रोक का खतरा भी अधिक देखा गया है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कम उम्र से ही अपने वजन को कंट्रोल रखने पर ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।
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मोटापा के शिकार लोगों में कई तरह की बीमारियों का खतरा - फोटो : Adobe stock
हाई बीएमआई और डिमेंशिया का क्या लिंक है?

उम्र से जुड़ी बीमारियों की चीफ फिजिशियन और एक्सपर्ट डॉ. रूथ फ्रिके-श्मिट कहती हैं, इस अध्ययन में हमने पाया कि हाई बीएमआई और हाई ब्लड प्रेशर डिमेंशिया के सीधे कारण हैं। बढ़े हुए वजन और ब्लड प्रेशर का इलाज और रोकथाम डिमेंशिया के रोकथाम में काफी मददगार हो सकता है।
  • इस अध्ययन के लिए 5 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों के वजन और उसके कारणों की जांच की गई।
  • जिन लोगों का बीएमआई जेनेटिकली ज्यादा था उनमें वैस्कुलर डिमेंशिया होने की आशंका अधिक पाई गई।
  • डिमेंशिया के बढ़े हुए खतरे का लगभग एक चौथाई हिस्सा हाई ब्लड प्रेशर की वजह से था।
  • विशेषज्ञों ने कहा, ये अध्ययन दिखाता है कि वजन और ब्लड प्रेशर की रोकथाम के लिए किए गए उपाय आपमें दिमाग की इस खतरनाक बीमारी के खतरे को कम करने वाले हो सकते हैं।

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ब्रेन पर कैसे असर डालता है मोटापा? - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अध्ययन के लेखक और क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री के एक्सपर्ट डॉ. लिव टिबजर्ग नॉर्डेस्टगार्ड कहते हैं, डिमेंशिया एक खतरनाक बीमारी है जिससे अभी दुनिया भर में 50 मिलियन लोग प्रभावित हैं। दुर्भाग्य से इसके इलाज और बचाव के तरीके कम हैं। ये अध्ययन आपको डिमेंशिया से बचाव के लिए एक कारगर उपाय दे रहा है।

जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को डिमेंशिया या फिर अधिक वजन की समस्या रही हो उन्हें इस बीमारी को लेकर और भी सतर्कता बरतनी चाहिए। कम उम्र से ही अगर आप वजन कंट्रोल करने वाले उपाय करते हैं तो इससे न सिर्फ ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है, साथ ही आप हृदय रोग, डायबिटीज और डिमेंशिया से भी काफी हद तक खुद को सुरक्षित कर सकते हैं।
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मोटापा कम करने वाले तरीके अपनाएं - फोटो : Freepik.com
कहीं आप भी मोटापे का शिकार तो नहीं?

डॉक्टर कहते हैं,  जिन लोगों का वजन सामान्य से अधिक होता है उनमें दिल की बीमारी, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और जोड़ों की समस्याओं जैसे आर्थराइटिस का खतरा कई गुना अधिक हो सकता है। वजन चेक करने के लिए बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच को कारगर तरीका माना जाता रहा है। पर हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया है कि मोटापे के खतरे का पता लगाने में वेस्ट-टू-हाइट रेशियो (कमर की चौड़ाई और ऊंचाई का अनुपात) बीएमआई की तुलना में ज्यादा बेहतर हो सकता है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


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स्रोत:
People with obesity may have a higher risk of dementia


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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