दुनियाभर में तेजी से बढ़ती क्रॉनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग-डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म की समस्या के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसके अलावा सभी लोगों को अपने वजन को कंट्रोल में रखना भी बहुत जरूरी है। बढ़ते वजन या हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की स्थिति को कई जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण पाया गया है।
अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनमें टाइप-2 डायबिटीज, हृदय से संबंधित बीमारियां, आर्थराइटिस का खतरा तो रहता ही है, साथ ही मोटापे को दिमागी सेहत के लिए भी खतरनाक पाया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा आज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। पहले जहां इसे केवल वयस्कों की समस्या माना जाता था, वहीं अब बच्चे और किशोर भी तेजी से मोटापे का शिकार होते जा रहे हैं। अधिक वजन की स्थिति शरीर के कई अंगों और प्रणालियों को प्रभावित करता है। अगर वजन को समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो इससे आपके सोचने-समझने, निर्णय लेने और याददाश्त से संबंधित दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।
एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है उनमें भविष्य में अल्जाइमर रोग-डिमेंशिया का खतरा भी ज्यादा देखा गया है।