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High BP Risk: क्या पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भी हो सकता है हाई ब्लड प्रेशर? यहां जानिए खतरे

Sun, 19 Jul 2026 10:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाई ब्लड प्रेशर समय पर कंट्रोल न किया जाए तो यह धीरे-धीरे दिल, किडनी, आंखों और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती है। यही वजह है कि आज केवल बुजुर्गों ही नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी होता जा रहा है।
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बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर - फोटो : Amarujala.com/AI
हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को हृदय रोगों का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। पहले हाई ब्लड प्रेशर को सिर्फ बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, हालांकि अब 30 साल से कम उम्र के युवा और छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। डॉक्टर कहते हैं, खराब जीवनशैली, जंक फूड्स की आदत, मोटापा, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने इस बीमारी के खतरे को काफी बढ़ा दिया है।

हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि लंबे समय तक इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते और व्यक्ति सामान्य महसूस करता रहता है। यदि ब्लड प्रेशर कंट्रोल न रहे तो यह धीरे-धीरे दिल, किडनी, आंखों और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है। 

यही वजह है कि अब डॉक्टर आज केवल बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहने की सलाह देते हैं। क्या छोटे बच्चे भी हाई बीपी का शिकार हो सकते हैं?
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ब्लड प्रेशर बढ़ने की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
छोटे बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

डॉक्टर कहते हैं, हाई बीपी के लिए नमक ज्यादा खाने को सबसे बड़ा कारण माना जाता है। पर आनुवंशिकता, हार्मोनल असंतुलन, किडनी की बीमारी, मोटापा और धूम्रपान जैसी आदतें भी खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं। 
 
  • अध्ययनों से पता चलता है कि पांच साल से छोटे बच्चों में भी हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है।
  • यदि किसी बच्चे को जन्मजात किडनी रोग, हृदय की जन्मजात समस्या, हार्मोन संबंधी बीमारी, मोटापा जैसी समस्याएं हैं तो कम उम्र ही वह ब्लड का शिकार हो सकता है।
  • ऐसे बच्चों के माता-पिता को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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बच्चों की स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : Adobe Stock Photos
ब्लड प्रेशर का शिकार तो नहीं है आपका बच्चा?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक, मोटापा और ऑफिस में घंटों बैठे रहना युवाओं में जोखिम बढ़ता जा रहा है।  इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप पर अधिक समय बिताना और नींद की कमी बच्चों को भी शिकार बना सकती है। 
 
  • पांच साल से छोटे बच्चों में हाई बीपी की दिक्कत वैसे तो दुर्लभ है, लेकिन इसका खतरा हो सकता है। 
  •  छोटे बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर अक्सर किसी अन्य बीमारी का संकेत होता है। 
  • जन्मजात किडनी रोग, जन्मजात हृदय दोष, हार्मोन संबंधी विकार, कुछ दवाओं का प्रभाव और समय से पहले जन्मे बच्चों में इसका जोखिम बढ़ सकता है। 
  • ऐसे बच्चों में नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी माना जाता है।

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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
बच्चों में हाई बीपी के लक्षणों को जानिए

बच्चों में ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, उल्टी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
 
  • गंभीर स्थिति में दौरे पड़ने का भी खतरा देखा जाता रहा है। 
  • हालांकि अधिकांश बच्चों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए जोखिम वाले बच्चों की नियमित जांच जरूरी है।
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बच्चों के आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
बच्चों को ब्लड प्रेशर के खतरे से कैसे बचाएं?

शुरुआत से ही कुछ आदतों का पालन करके बच्चों को हाई बीपी के खतरे से बचाया जा सकता है।
 
  • बच्चों में रोजाना व्यायाम की आदत डालें, और वजन कंट्रोल रखें।
  • खाने में नमक की मात्रा कम करें। फल-सब्जियां अधिक खिलाएं।
  • बच्चे का बीपी यदि बार-बार बढ़ा हुआ रहता है या फिर सिरदर्द के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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