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Hypertension: दिनचर्या की ये गलत आदतें बना सकती हैं आपको हाई बीपी का मरीज, आज से ही बरतें ये सावधानियां

Tue, 17 Feb 2026 01:18 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Daily Habits Raising BP: हाई बीपी एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह से शरीर कई गंभीर बीमारियों का जोखिम कई बढ़ जाता है। हाई बीपी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, इनमें से एक बड़ा कारण हमारी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें हैं जिसकी वजह से कम उम्र में ही हाइपरटेंशन की समस्या होने लगती है। इसलिए आइए इस लेख में उन्हीं आदतों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
High Blood Pressure Causes: आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में 'हाई ब्लड प्रेशर' एक ऐसी साइलेंट किलर बीमारी बन गई है, जो धीरे-धीरे लोगों के स्वास्थ्य की नींव को खोखला कर रही है। आमतौर पर इसे हम अक्सर ही सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें एक बड़ा कारण हमारी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें होती हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बीपी की समस्या केवल उम्र बढ़ने से नहीं, बल्कि सुबह से रात तक की हमारी गलत आदतों का नतीजा हो सकती हैं। जब धमनियों में खून का दबाव लगातार बढ़ा रहता है, तो यह हृदय और मस्तिष्क की नसों को कमजोर कर देता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसके लक्षण शुरुआत में बहुत मामूली होते हैं, इसलिए इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है। अगर समय रहते हम अपनी आदतों में सुधार और जरूरी सावधानियां नहीं बरतते, तो यह एक लाइलाज समस्या बन सकती है जो पूरे जीवन को प्रभावित कर सकती है। इसलिए आइए इस लेख में उन्हीं आदतों के बारे में विस्तरा से जानते हैं।
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नमक का सीमित सेवन करें - फोटो : Freepik
अत्यधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड का खतरा
हमारी रसोई में मौजूद सफेद नमक का सीधा संबंध हमारे बीपी से है। सोडियम की अधिक मात्रा शरीर में पानी के ठहराव को बढ़ाती है, जिससे खून का आयतन बढ़ जाता है और धमनियों पर दबाव पड़ता है। जंक फूड, चिप्स, और डिब्बाबंद अचार में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक हेल्दी वयस्क को दिन भर में एक छोटे चम्मच (5 ग्राम) से अधिक नमक नहीं लेना चाहिए।

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सेडेंटरी लाइफस्टाइल - फोटो : Adobe Stock
शारीरिक निष्क्रियता और बढ़ता वजन
आज के कॉर्पोरेट कल्चर में या यूं कह लें कि आधुनिक नौकरियों में घंटों बैठकर काम करना और व्यायाम न करना बीपी का सबसे बड़ा कारण है। जब शरीर सक्रिय नहीं होता, तो हार्ट को खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। बढ़ता वजन, विशेषकर पेट के आसपास की चर्बी, बीपी को अनियंत्रित कर देती है। रोजाना सिर्फ 30 मिनट मॉर्निंग वॉक करना या योग करना आपकी धमनियों को लचीला बना सकता है और खून के प्रवाह को सुचारू रख सकता है।

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अच्छी नींद लेना - फोटो : Freepik.com
तनाव और नींद की भारी कमी
लगातार मानसिक तनाव और नींद पूरी न होना शरीर में 'एड्रेनालाईन' जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाते हैं, जो दिल की धड़कन और बीपी को तेज कर देते हैं। अगर आप रात में 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं लेते हैं तो शरीर की बीपी को नियंत्रित करने की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित होती है। शांत दिमाग और गहरी सांस लेने वाले व्यायाम तनाव को कम कर धमनियों के दबाव को सामान्य रखने में मदद करते हैं।
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
नियमित जांच और सावधानी है जरूरी
बीपी से बचने का एकमात्र तरीका है निरंतर जागरूकता और अनुशासन है। समय-समय पर अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें, क्योंकि बचाव इलाज से हमेशा बेहतर होता है। पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला और हरी सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें और शराब व धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं। आज ली गई एक छोटी सी सावधानी आपको कल की बड़ी मेडिकल इमरजेंसी से बचा सकती है और आपको एक लंबा व स्वस्थ जीवन दे सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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