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हेल्थ की बात: ऑफिस में काम करते-करते खाते रहते हैं चिप्स-बिस्किट? जानिए इस आदत का सेहत पर क्या होता है असर

Sun, 13 Sep 2026 08:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

काम के बीच बार-बार खाते रहने से टोटल कैलोरी बढ़ सकती है। मीठे, तले और ज्यादा प्रोसेस्ड चीजें खाना सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। क्या आप भी काम के दौरान कुछ न कुछ खाते रहते हैं?
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ऑफिस में खाते रहने की आदत - फोटो : Amarujala.com/AI
ऑफिस में काम करते-करते बिस्किट-चिप्स या नमकीन खाते रहने की आदत बहुत आम सी है। पर क्या ये आम सी लगनी वाली आदत सेहत के लिए ठीक है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए खान-पान पर ध्यान देते रहना जरूरी है। हम क्या खाते हैं, इससे ज्यादा जरूरी ये जानना है कि हमें क्या चीजें नहीं खानी चाहिए?

ऑफिस में काम करते-करते बिस्किट-चाय या मुट्ठीभर नमकीन खाने से आपका अनावश्यक कैलोरी इंटेक बढ़ सकता है। परेशानी तब बढ़ सकती है जब बिना भूख के आदतन या लगातार डेस्क पर बैठे-बैठे कुछ खाते रहना रोज का हिस्सा बन जाए।

बार-बार स्नैकिंग का असर केवल कैलोरी पर नहीं पड़ता। अगर आप बार-बार मीठे, मैदा वाले या ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ खाते रहते हैं तो ये शरीर में अतिरिक्त नमक-चीनी की मात्रा को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। ये छोटी सी लगने वाली आदत आगे चलक आपमें डायबिटीज, मोटापा और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।
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ऑफिस में खाते रहने की आदत - फोटो : Freepik.com
अगर आप दिन में बार-बार स्नैक लेते रहते हैं भले ही इसकी मात्रा कम ही क्यों हो, तो इससे कैलोरी इंटेक का हिसाब बिगड़ सकता है। बिस्किट, नमकीन, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड स्नैक्स कम मात्रा में भी काफी कैलोरी वाले हो सकते हैं। अगर शरीर जितनी ऊर्जा खर्च करता है, अगर आप उससे ज्यादा कैलोरी वाली चीजें  खाते रहते हैं तो इससे वजन बढ़ सकता है। 

चूंकि ऑफिस के समय में हम लंबे समय तक बैठे रहते हैं जिससे ये अतिरिक्त कैलोरी बर्न नहीं हो पाती और शरीर में फैट के रूप में जमा होती जाती है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
शुगर लेवल पर असर

काम के बीच हर थोड़ी देर में कुछ खाते रहने से शरीर को लगातार अतिरिक्त कैलोरी मिल रही होती है। 
 
  • खासकर बिस्किट, नमकीन, चिप्स, मिठाई, चाय के साथ स्नैक्सलेने पर ब्लड शुगर बार-बार बढ़ सकता है। 
  • हर स्नैक के बाद इंसुलिन हार्मोन सक्रिय होता है, जो ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। यदि यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहे और शारीरिक गतिविधि कम हो, तो शरीर पर अतिरिक्त मेटाबॉलिक दबाव पड़ सकता है। 
  • डायबिटीज या प्री-डायबिटीज वाले लोगों के लिए यह आदत बहुत नुकसानदायक हो सकती है।

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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
पाचन  पर भी हो सकता है असर

लगातार कुछ न कुछ खाते रहने से शरीर के सामान्य भोजन और पाचन चक्र में भी बदलाव आ सकता है। जब भोजन के बाद थोड़े अंतराल पर फिर स्नैक लिया जाता है, तो पेट और पाचन तंत्र को बार-बार भोजन को प्रोसेस करना पड़ता है। इससे कुछ लोगों को पेट भारी रहने, गैस, एसिडिटी या असहजता जैसी शिकायत हो सकती है।

लगातार स्नैकिंग के कारण कई बार आपको लंच-डिनर के समय भूख कम महसूस हो सकती। पौष्टिक भोजन न कर पाने के कारण लंबे समय में आपको विटामिन्स और पोषक तत्वों की कमी का भी खतरा हो सकता है।
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चिप्स खाने से क्या नुकसान हैं - फोटो : Freepik.com
सोडियम की मात्रा बढ़ने का खतरा

चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट स्नैक्स और कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इन्हें बार-बार खाने से दिनभर में नमक का सेवन जरूरत से ज्यादा हो सकता है। लंबे समय तक अधिक सोडियम लेना हाई ब्लड प्रेशर के जोखिमों को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। जिन्हें पहले से ब्लड प्रेशर या हार्ट की समस्या है या फिर जिन लोगों का वजन अधिक है, उनके लिए बार-बार ज्यादा सोडियम वाली चीजें लेने से खतरा और बढ़ जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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