खून कूी जांच
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क्या हो सकते हैं बचाव के उपाय?
पलवल प्रशासन ने गांव में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है ताकि छिपे हुए मरीजों की पहचान हो सके। बचाव के लिए सबसे जरूरी है हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण करवाना। साथ ही पीने के पानी को हमेशा उबालकर पिएं और किसी भी तरह के मेडिकल प्रोसीजर के दौरान हमेशा नई और डिस्पोजेबल सुई का ही इस्तेमाल सुनिश्चित करें। पीलिया के शुरुआती लक्षणों जैसे आंखों का पीलापन, गहरे रंग का पेशाब और थकान को कभी नजरअंदाज न करें।