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Patiala: पटियाला में लिवर को फेल करने वाले संक्रमण का प्रकोप, 27 से ज्यादा लोग शिकार; जानिए कैसे फैली बीमारी?

Sat, 13 Jun 2026 07:40 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पटियाला के डोगरा मोहल्ला क्षेत्र में हेपेटाइटिस ए के मामलों की संख्या 27 तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि दूषित पेयजल और सीवेज मिश्रित पानी इस संक्रमण की मुख्य वजह हो सकता है। कई मरीज अस्पताल में भर्ती हैं जबकि बाकी लोगों की निगरानी की जा रही है।
 
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हेपेटाइटिस ए का संक्रमण - फोटो : Amarujala.com/AI
संक्रामक बीमारियां देश के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई हैं। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने केरल में फैल शिगेला और निपाह संक्रमण को लेकर जानकारी दी थी। अब खबर पंजाब के पटियाला से है, जहां हेपेटाइटिस ए संक्रमण के बढ़ते खतरों को लेकर अलर्ट किया जा रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पटियाला के डोगरा मोहल्ला क्षेत्र में इस वायरल संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। यहां पीलिया के 27 संदिग्ध और हेपेटाइटिस-ए से संक्रमित 10 मरीजों की पुष्टि की गई है। हेपेटाइटिस-ए लिवर को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला संक्रमण है, इससे लिवर फेलियर का भी खतरा बढ़ जाता है। इसके मामले सामने आने के बाद से  स्वास्थ्य अधिकारी हाई अलर्ट पर है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में लगभग 243 घर हैं, यहां की आबादी 1,119 से अधिक है। मोहल्ले के निवासियों की जब ब्लड टेस्ट की गई तो इसमें हेपेटाइटिस-ए के मामलों के साथ एक व्यक्ति को हेपेटाइटिस ई का भी शिकार पाया गया है। माना जा रहा है कि पानी की अशुद्धि के कारण ये संक्रमण फैला है। स्थानीय लोगों को बीमारी और इसके खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है।
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हेपेटाइटिस का संक्रमण - फोटो : Freepik.com
कैसे फैला हेपेटाइटिस-ए का संक्रमण?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाके में नई पाइपलाइन लगाई गई थी, पर पुरानी पाइपलाइन हटाई नहीं गई। इससे अवैध कनेक्शन बढ़ते गए और सीवेज का पानी, पीने के पानी में मिल गया। यह लाइन जंग लगने और लीकेज की वजह से खराब हो चुकी थी, जिससे सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल गया।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस बीमारी के फैलने के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और अवैध पानी के कनेक्शन लेने वाले निवासियों को जिम्मेदार ठहराया है।
 
  • प्रभावित इलाके के लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई हफ्तों से दूषित पानी की सप्लाई के बारे में नगर निगम से बार-बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाई नहीं हुई। 
  • इलाके के बच्चे कई हफ्तों से पीलिया से परेशान हैं, लेकिन हमारी मदद के लिए कोई नहीं आया।
  • वहीं पटियाला के मेयर ने कहा कि हमने तुरंत कार्रवाई की और इलाके में मरम्मत का काम पहले ही शुरू हो गया था इसीलिए हम इतनी जल्दी बीमारी फैलने की वजह का पता लगा पाए।
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हेपेटाइटिस से लिवर की बीमारी - फोटो : adobe stock images
हेपेटाइटिस-ए वायरस से होने वाले खतरे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ हेपेटाइटिस-ए वायरस को सेहत के लिए काफी खतरनाक बताते हैं। ये दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के अलावा सीवेज वाले पानी के संपर्क से फैलता है। इस वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने का भी खतरा रहता है। वैसे तो अधिकांश मरीज समय पर इलाज से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में हेपेटाइटिस ए इतना खतरनाक रूप ले सकता है कि लिवर फेलियर तक का खतरा बढ़ सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
 
  • हेपेटाइटिस ए वायरस लिवर को अटैक करता है, जिसके कारण शुरुआत में पीलिया, बुखार जैसे लक्षण होते हैं। 
  • रीजों को तेज थकान, पीलिया, उल्टी, भूख न लगना और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • सबसे बड़ा खतरा यह है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इससे बीमारी की पहचान देर से होती है और लिवर को खतरा हो सकता है।

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लिवर की समस्याओं का खतरा - फोटो : Adobe Stock
हेपेटाइटिस ए से लिवर फेलियर का खतरा

हेपेटाइटिस-ए वायरस सीधे लिवर की कोशिकाओं को संक्रमित करता है। संक्रमण के दौरान शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस से लड़ने के लिए सक्रिय होती है, जिससे लिवर में सूजन बढ़ जाती है। अधिकांश मामलों में लिवर खुद को ठीक कर लेता है, लेकिन दुर्लभ परिस्थितियों में यह सूजन इतनी ज्यादा हो सकती है कि लिवर के लिए सामान्य तरीके से काम करना मुश्किल हो जाता है।
 
  • हेपेटाइटिस ए वायरस लिवर कोशिकाओं को संक्रमित करके उनमें सूजन पैदा करता है। 
  • समय के साथ लिवर आपके खून से टॉक्सिन को फिल्टर करने, बाइल को मैनेज करना और न्यूट्रिएंट्स को प्रोसेस करने में विफल हो जाता है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों, पहले से लिवर रोग से पीड़ित लोगों और कमजोर इम्युनिटी वालों में जटिलताओं का जोखिम अधिक रहता है। 
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हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत जरूरी - फोटो : Freepik.com
हेपेटाइटिस ए वायरस से कैसे बचें?

हेपेटाइटिस ए मुख्य रूप से फीकल-ओरल रूट यानी मल से दूषित भोजन या पानी के जरिए फैलता है। यदि संक्रमित व्यक्ति के मल से वायरस पानी या भोजन तक पहुंच जाए तो संक्रमण फैल सकता है।
 
  • दूषित पानी, सड़क किनारे अस्वच्छ भोजन, बिना हाथ धोए खाना बनाने या खाना खाने या फिर गंदगूी वाले क्षेत्रों में इसका खतरा अधिक देखा जाता है।
  • हेपेटाइटिस-ए से बचाव के लिए साफ पानी पीनी चाहिए। उबला हुआ या फिल्टर से शुद्ध किया गया पानी पिएं। 
  • बाहर खुले में रखे कटे फल, अस्वच्छ भोजन और खुले में बिकने वाली चीजें खाने से बचें।
  • खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोना बेहद जरूरी है।
  • हेपेटाइटिस-ए वैक्सीन संक्रमण को रोकने में मददगार हो सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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