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Heatstroke: लू लग जाए तो क्या करें? डॉक्टर से जानिए हीट स्ट्रोक के लक्षण और बचाव के तरीके

Sat, 18 May 2024 03:27 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लू लगने के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
गर्मियों में तेज धूप और उच्च तापमान से सेहत को कई प्रकार का जोखिम हो सकता है। हीट स्ट्रोक के मामले इन दिनों में काफी तेजी से बढ़ भी रहे हैं। शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाने और पसीना उत्पादन करने वाले तंत्र के फेल हो जाने के कारण हीट स्ट्रोक होता है। हीट स्ट्रोक या लू की स्थिति में शरीर का तापमान 104 डिग्री से अधिक बने रहने का संपूर्ण स्वास्थ्य पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है। यह मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है, गंभीर स्थितियों में इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं हीट स्ट्रोक होने पर अगर समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए तो स्थिति बिगड़ने और कोमा तक का खतरा हो सकता है, इसलिए लू लगने पर प्राथमिक उपचार पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। आइए जानते हैं हीट स्ट्रोक होने पर तुरंत क्या किया जाना चाहिए?
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चक्कर आना - फोटो : istock
हीट स्ट्रोक के लक्षणों की करें पहचान?

लू लगने की स्थिति में शरीर का तापमान बहुत अधिक हो जाना प्रमुख है। इसके अलावा लू लगने के कारण बेहोशी का भी जोखिम रहता है। इन लक्षणों के साथ-साथ हीट स्ट्रोक के कारण होने वाली अन्य समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।
  • बहुत तेज सिरदर्द
  • चक्कर आना और सिर घूमना
  • गर्मी के बावजूद पसीना न आना
  • मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन
  • उल्टी होना।
  • दिल की धड़कन  तेज या कमजोर होना।
  • व्यवहार में परिवर्तन जैसे भ्रम, याददाश्त की समस्या होना। 
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लू लगने की समस्या - फोटो : istock
लू लगने पर क्या करें?

अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थित एक अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर एम.आर खान बताते हैं, यदि आपको संदेह है कि किसी को हीट स्ट्रोक हुआ है, तो उसे प्राथमिक उपचार प्रदान करें। व्यक्ति को वातानुकूलित या ठंडे वातावरण में ले जाएं, कपड़ों को ढीला कर दें या अनावश्यक कपड़े निकाल दें।

शरीर के तापमान को कम करने के लिए आवश्यक तरीकों का पालन करें और थर्मामीटर से तापमान की निगरानी करते रहें। शरीर को निर्जलित होने से बचाने के लिए पानी पिलाएं।

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चक्कर आने का जोखिम - फोटो : istock
समय पर डॉक्टरी मदद जरूरी

डॉक्टर कहते हैं, यदि सामान्य उपचार माध्यमों से शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं हो रहा है, बेहोशी की दिक्कत बनी हुई है तो व्यक्ति को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा के लिए ले जाएं। हीट स्ट्रोक की स्थिति पहले से ही बीमार लोगों की दिक्कतों को बढ़ाने वाली और कुछ स्थितियों में जानलेवा भी हो सकती है। इन गंभीर समस्याओं से बचाव के लिए समय रहते डॉक्टरी मदद लेना आवश्यक हो जाता है।
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गर्मी से कैसे बचें? - फोटो : istock
हीट स्ट्रोक से कैसे बचें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करते रहना जरूरी है। अत्यधिक गर्मी और इसके कारण होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए कुछ उपाय जरूरी हैं।
  • हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
  • निर्जलीकरण को रोकने के लिए दिन में कम से कम आठ गिलास पानी, फलों का जूस का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।  
  • सोडियम की कमी के कारण गर्मी से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं। इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय का सेवन करें। 
  • व्यायाम करते समय या बाहर काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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