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Heart Health: ये आठ उपाय हृदय रोग-हार्ट अटैक के खतरे को 70% तक कर सकते हैं कम

Thu, 08 Aug 2024 07:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्ट को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : istock
हृदय रोगों का खतरा दुनियाभर में तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है, यहां तक कि कम आयु के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी इस खतरनाक रोग का प्रमुख कारण है, जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, जिस तरह से 20 से कम आयु के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत देखी जा रही है, ये निश्चित ही खतरनाक है।

आहार में गड़बड़ी जैसे सोडियम वाली चीजों की अधिकता, ज्यादा मात्रा में तैलीय चीजों के सेवन की आदत भी हृदय स्वास्थ्य के लिए चुनौतियां बढ़ाने वाली हो सकती हैं। हृदय रोग और हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है। कुछ आदतें और उपाय अपनाकर आप हार्ट अटैक के जोखिम को 70% तक कम कर सकते हैं। 
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : istock
हृदय रोग मौत के प्रमुख कारणों में से एक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका में हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति हृदय रोग से मरता है। हर साल लगभग 650,000 लोगों की इससे मौत हो जाती है। 2014 से हर साल यह संख्या बढ़ती जा रही है। इन संख्याओं से भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि ज्यादातर मामलों में इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपायों को अपनाकर इसे बड़े खतरे से बचाव किया जा सकता है।

आइए जानते हैं कि इसके लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
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स्वस्थ आहार का सेवन - फोटो : istock
1. स्वस्थ आहार का सेवन

प्रतिदिन ताजे फल, सब्जियां, और साबुत अनाज का सेवन करें। ये एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, और विटामिन से भरपूर होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। मछली (जैसे सैल्मन और मैकरल), अलसी के बीज और अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करके शरीर के सूजन को कम करते हैं। इन चीजों का सेवन हार्ट के लिए बहुत लाभकारी है। 

2. नियमित व्यायाम करें

प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे पैदल चलना, तैरना या साइकिल चलाना, हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है।

3. धूम्रपान और शराब से दूरी

धूम्रपान हार्ट अटैक के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। वहीं शराब का अधिक सेवन रक्तचाप और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को बढ़ा सकता है। इन दोनों आदतों से बिल्कुल दूरी बनाकर रखा जाना जरूरी है।

4. रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित जांच करवाएं और इन्हें नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह का पालन करें। नमक के ज्यादा सेवन से हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा जाता है। आहार में नमक की मात्रा कम रखें।

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नियमित योग-व्यायाम जरूरी - फोटो : istock
5. तनाव प्रबंधन करें

योग और ध्यान जैसी तनाव प्रबंधन तकनीकें मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकती हैं। तनाव को कम करके हृदय रोग के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

6. वजन को नियंत्रित रखें

संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की मदद से वजन को नियंत्रित रखने के उपाय करें। अध्ययनों से पता चलता है कि स्ट्रेस और एंग्जाइटी के शिकार लोगों में हार्ट की समस्याओं का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि आपके लिए बहुत फायदेमंद है।

7. डायबिटीज को नियंत्रित करें

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की ही तरह से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल में रखना भी हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है।अपने ब्लड शुगर लेवल को नियमित रूप से मॉनिटर करें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें। डायबिटीज को नियंत्रण में रखने से हृदय रोग का खतरा कम होता है।
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पानी पीते रहने के लाभ - फोटो : istock
8. खूब पानी पीते रहें

दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से रक्त का प्रवाह सुचारू रहता है और दिल पर दबाव कम होता है। प्रति दिन कम से कम 8 गिलास पानी पिएं। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए शरीर का हाइड्रेट रहना बहुत आवश्यक है।


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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