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Heart Attack: महिला-पुरुषों में अलग-अलग तरीके के हो सकते हैं हार्ट अटैक के लक्षण, जानिए किन्हें खतरा अधिक?

Thu, 13 Jul 2023 05:33 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिलाओं में हृदय रोगों का खतरा - फोटो : iStock
हृदय रोग वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक हैं, यह पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि कोविड-19 के दुष्प्रभावों के रूप में हृदय रोगों के गंभीर मामले बढ़े हैं, इसके अलावा शारीरिक निष्क्रियता, आहार में गड़बड़ी और बढ़ता स्ट्रेस लेवल भी इस अंग के लिए दिक्कतें बढ़ा रहा है। यही कारण है कि सभी उम्र के लोगों को हृदय की सेहत का देखभाल करते रहने की सलाह दी जाती है।

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में हार्ट अटैक होने और इसके कारण मृत्यु का खतरा अधिक हो सकता है। इसके अलावा महिला-पुरुषों में इसके कुछ लक्षणों में भी अंतर देखा गया है। महिलाओं में हृदय रोगों के बढ़ते जोखिमों का एक कारण इसका समय पर निदान न हो पाना माना जाता रहा है।

आइए जानते हैं कि हृदय रोगों की समस्या महिला और पुरुषों में किस प्रकार से अलग हो सकती है और इसकी पहचान कैसे की जा सकती है?
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हृदय रोगों के जोखिम कारक - फोटो : iStock
पुरुषों और महिलाओं में हृदय रोगों की असमानता

जॉन्स हॉपकिन्स कोलंबिया में मेडिकल डायरेक्टर डॉ. लिली बारोच कहती हैं, महिलाओं में असामान्य दिल के दौरे के लक्षण होने की आशंका अधिक होती है। वैसे तो सीने में दर्द-जकड़न और सांस की दिक्कत होना पुरुष और महिला, दोनों में देखा जाता रहा है पर महिलाओं में इसके कुछ लक्षण अलग भी हो सकते हैं। 

इस साल की शुरुआत में, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने महिलाओं में दिल के दौरे के बारे में एक रिपोर्ट जारी किया, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के बीच इससे संबंधित कई असमानताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
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महिलाओं में हार्ट अटैक के मामले - फोटो : iStock
पांच साल के भीतर मृत्यु का जोखिम 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार पहले हार्ट अटैक के एक साल के भीतर, पुरुषों की तुलना में महिलाओं के जीवित रहने की दर कम देखी गई है। हृदय रोग (हार्ट अटैक) के कारण अस्पताल में भर्ती 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लगभग 50,000 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में इन असमानताओं को समझने की कोशिश की गई।

इसके अनुसार पहले हार्ट अटैक के पांच साल के भीतर मृत्यु, हार्ट फेलियर या स्ट्रोक होने का जोखिम महिलाओं में 47% देखा गया है जबकि पुरुषों में यह दर 36% के करीब हो सकती है। 

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हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : iStock
पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं अलग

शोधकर्ताओं ने बताया कि महिला और पुरुष, हार्ट अटैक के लक्षणों को अलग-अलग तरह से अनुभव कर सकते हैं। सीने में दर्द को दिल के दौरे का सबसे आम लक्षण माना जाता है। यह पुरुषों में आम है, हालांकि हार्ट अटैक वाली केवल 50 फीसदी महिलाओं में ही यह दिक्कत देखी गई। 

पुरुषों ने हार्ट अटैक के दौरान जहां, सीने में दर्द या बेचैनी, सांस लेने में कठिनाई, बाएं हाथ-जबड़े में दर्द और जी मिचलाने जैसे लक्षणों का अनुभव किया वहीं महिलाओं ने पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द, सीने में जलन-बेचैनी, चक्कर आने, जी मिचलाने, सांस लेने में कठिनाई और पसीना आने जैसी समस्याओं के बारे में बताया। 
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रखें हृदय की सेहत का ख्याल - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों के जोखिमों से करें बचाव

शोधकर्ताओं ने बताया कि कुछ जोखिम कारक जो विशेष रूप से महिलाओं में हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाते हैं उसपर सभी को ध्यान देने और इससे बचाव करना बहुत जरूरी है। रजोनिवृत्ति से पहले टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ने, तनाव-अवसाद की समस्या के साथ हृदय रोग के जोखिम कारकों का समय रहते पहचान न कर पाना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं पुरुषों में मोटापा, धूम्रपान, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के अलावा फैमिली हिस्ट्री भी इसका जोखिम कारक हो सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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