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हार्ट हेल्थ: दिल की नसों में ब्लॉकेज होने की क्या पहचान है? कब हो जाएं अलर्ट, जानिए सबकुछ

Tue, 29 Sep 2026 06:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Heart Problem: दिल की नसों में ब्लॉकेज से दिल तक खून की सप्लाई कम हो जाती है। सीने में दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर और हाथ-जबड़े तक दर्द इसके संकेत हो सकते हैं। हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान और मोटापा जोखिम बढ़ाते हैं। 
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हार्ट की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI
हार्ट हेल्थ को लेकर हम सभी अब पहले से ज्यादा अलर्ट हो गए हैं, ये कहना शायद गलत नहीं होगा। जिस तरह से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इससे मौत के मामले देखे जा रहे हैं, इसने लोगों को सावधान कर दिया है। हार्ट अटैक की बात होते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में दिल की नसों में ब्लॉकेज की तस्वीर सामने आती है। ब्लॉकेज के कारण दिल की मांसपेशियों तक खून का संचार बाधित हो जाता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है। ऐसे में अगर समय रहते पता चल जाए को आपमें ब्लॉकेज तो नहीं हो रही है, तो ये खतरे को कम करने में मददगार हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ब्लॉकेज की समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है है और कई बार शुरुआत में इसकी साफ पहचान भी नहीं हो पाती। नसों के अंदर जमा चर्बी रास्ते को संकरा करने लगती है जिससे दिल तक पहुंचने वाले खून का प्रवाह कम हो जाता है।

अब सवाल ये है कि समय रहते इस खतरे की पहचान कैसे की जा सकती है?
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धमनियों में ब्लॉकेज की समस्या - फोटो : Adobe Stock
डॉक्टर बताते हैं, आमतौर पर सीने में दर्द को लोग दिल की नसों में रुकावट का संकेत मानते हैं, लेकिन हर किसी में लक्षण एक जैसे नहीं होते। खून का प्रवाह कम होने के कारण चलते समय सांस फूलने, बहुत ज्यादा थकान, चक्कर आने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ लोगों में पहली बार इसका पता  हार्ट अटैक आने पर ही चल पाता है।

आइए जानते हैं कि किन संकेतों पर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देनी चाहिए?


सीने में दबाव या दर्द को हल्के में न लें

दिल की नसों में ब्लॉकेज होने या  हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त न पहुंचने का सबसे आम लक्षण एंजाइना माना जाता है। इसके कारण सीने में दर्द के साथ भारीपन, जकड़न या दबाव जैसा महसूस हो सकता है।
 
  • अगर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या मेहनत करने पर सीने में दर्द शुरू हो जाए और आराम करने पर कम हो जाए तो इस संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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सांस फूलने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
सांस फूलना और असामान्य थकान की दिक्कत

पहले की तुलना में अगर अब थोड़ी मेहनत में ही सांस फूलने लगे, शरीर कमजोर महसूस हो या बिना स्पष्ट वजह के बहुत थकान रहने लगे, तो जांच जरूरी हो जाता है। ये नसों में रुकावट की ओर संकेत हो सकती है।  हार्ट अटैक के दौरान भी सांस फूलने, कमजोरी, चक्कर आने, ठंडा पसीना के साथ मितली या उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
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दिल की बीमारी को लेकर अलर्ट रहें - फोटो : Adobe Stock
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या अधिक वजन की समस्या है उनके लिए ये सभी लक्षण गंभीर समस्याओं का ओर इशारा हो सकते हैं।
 
  • शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज रही है तो ये आपमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज के जोखिमों को बढ़ा सकती हैं। ऐसे लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच कराते रहना चाहिए। 
  • इसके अलावा सीने में लगातार दबाव या दर्द हो साथ में सांस फूलती है, चक्कर-बेहोशी के अलावा सीने का दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक जाना आपात स्थिति हो सकती है।

ऐसे लक्षणों में तुरंत इमरजेंसी सहायता लेनी चाहिए। हार्ट अटैक में जितनी जल्दी इलाज मिलता है, दिल की मांसपेशियों को नुकसान उतना कम किया जा सकता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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